Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

अखिलेश सरकार में बोलने लगी है एक पत्रकार की तूती

: बिना इनके इशारे के पत्रकारों का काम होना मुश्किल : यूपी में सरकार क्‍या बदली, एक पत्रकार साहब की तो बल्‍ले-बल्‍ले ही हो गयी। समाजवादी पार्टी के साथ घरेलू रिश्‍ते के चलते इन साहब की दुकान सचिवालय से लेकर विधानसभा के गलियारे तक में चकाचक चल रही है। पत्रकारों के मामले में तो इन साहब का नाम ही पर्याप्‍त माना जानता है। आला अफसर भी कम से कम पत्रकारों के किसी भी काम में इन साहब का इशारा बिना कोई हस्‍तक्षेप नहीं करते।

: बिना इनके इशारे के पत्रकारों का काम होना मुश्किल : यूपी में सरकार क्‍या बदली, एक पत्रकार साहब की तो बल्‍ले-बल्‍ले ही हो गयी। समाजवादी पार्टी के साथ घरेलू रिश्‍ते के चलते इन साहब की दुकान सचिवालय से लेकर विधानसभा के गलियारे तक में चकाचक चल रही है। पत्रकारों के मामले में तो इन साहब का नाम ही पर्याप्‍त माना जानता है। आला अफसर भी कम से कम पत्रकारों के किसी भी काम में इन साहब का इशारा बिना कोई हस्‍तक्षेप नहीं करते।

बदले राजनीतिक माहौल में यूपी के एक पत्रकार की चांदी कट रही है। एक बड़े अखबार के संवाददाता हैं यह पत्रकार। सपा की एक आला शख्सियत के साथ इनके घरेलू रिश्‍ते हैं। हालांकि इसके पहले तक इस पत्रकार का नाम कभी भी किसी विवाद पर नहीं पड़ा, लेकिन सपा सरकार बनते ही सत्‍ता के गलियारों में अब इनके नाम का डंका बजने लगा है। बड़े-बड़े अनेक अफसर खासतौर पर अब कम से कम पत्रकारों के मामले में नेताओं के बजाय इन पत्रकार साहब की सिफारिश मांगने लगे हैं। इन अफसरों के मुताबिक ऐसे किसी भी काम के लिए इन साहब की सिफारिश ही पर्याप्‍त है।

ताजा ही मामला पिछले विधानसभा सत्र की कार्यवाही की तैयारियों को लेकर दिखा। एक न्‍यूज एजेंसी के पत्रकार आसिफ अंसारी पिछले पांच बरसों से विधानसभा की कार्यवाही की कवरेज करते आ रहे हैं। प्रक्रिया के तहत पत्रकारों को इस कार्यवाही में प्रवेश के लिए राज्‍य मुख्‍यालय पर मान्‍यताप्राप्‍त होना चाहिए। सदन कार्यवाही के लिए अन्‍य पत्रकारों के लिए विधानसभा सचिवालय पत्रकार के नियोक्‍ता-संस्‍थान के संपादक द्वारा लिखित अनुरोध पर ही प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है। कार्यवाही में नियमित रूप से शामिल होने वाले पत्रकारों को पिछले पास के आधार पर ही प्रवेश अनुज्ञा कर दी जाती है।

आसिफ अंसारी लगातार विधानसभा कार्यवाही की कवरेज करते रहे हैं। लेकिन पिछली बार मंजर बदल गया। अंसारी जब अपने पास के लिए संबंधी सचिव के पास पहुंचे तो मिले जवाब सुनकर वे भौंचक्‍के रह गये। अंसारी के मुताबिक सचिव ने दो-टूक जवाब दिया कि इस काम के लिए अमुक पत्रकार की सिफारिश के बिना उन्‍हें पास दिया जा पाना मुमकिन है। अंसारी के अपने पक्ष में प्रमाण की सारी दलीलों को सचिव ने सिरे से खारिज कर दिया। कहने की जरूरत नहीं कि बाद में दूसरे अनेक वरिष्‍ठ पत्रकारों के हस्‍तक्षेप के बाद ही अंसारी को कार्यवाही के कवरेज की अनुमति मिली।

लखनऊ से कुमार सौवीर की रिपोर्ट. कुमार सौवीर यूपी के जाने माने पत्रकार हैं. दैनिक जागरण, दैनिक भास्‍कर, हिंदुस्तान, महुआ, एसटीवी समेत कई अखबारों और चैनलों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. सौवीर अपने बेबाक बयानों और दमदार लेखन के लिए जाने जाते हैं. उनसे संपर्क [email protected] और 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...