अपहरण की कोशिश में पत्रकार और फर्जी इंस्‍पेक्‍टर सहित तीन गिरफ्तार

एसटीएफ के फर्जी इंस्पेक्टर और उसके पत्रकार साथी समेत तीन लोगों को बृहस्पतिवार को कैसरबाग कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया. इनका एक साथी भागने में सफल रहा. इन लोगों ने कैसरबाग इलाके के कबाड़ व्यापारी को गुण्डा टैक्स न देने पर इनकाउण्टर करने की धमकी दी थी. विरोध करने पर व्यापारी को अगवा करने का प्रयास भी किया. परन्‍तु व्‍यापारी इनकी चंगुल से छूट कर पुलिस के पास जा पहुंचा. पुलिस ने इसके पास से एक कार भी बरामद की है. 

कैसरबाग एक्सचेंज के पास फैजुल्लागंज-मड़ियांव निवासी दिलीप गुप्ता का कबाड़ का कारोबार है. बृहस्पतिवार रात 8.30 बजे दिलीप गुप्ता की दुकान के सामने अचानक एक कार (यूपी 32 बीजेड-7831) आकर रुकी. उक्त कार से चार लोग उतरे. इसमें से एक व्‍यक्ति ने खुद को एसटीएफ का इंस्‍पेक्‍टर, दूसरे ने पत्रकार बताया. इस कार से उतरे दिलीप गुप्‍ता के परिचित विनोद उर्फ लाला ने दिलीप की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यही वो दुकानदार है जो कबाड़ी की आड़ में चोरी के सामानों की खरीद-फरोख्‍त करता है.

इस एसटीएफ का इंस्‍पेक्‍टर बने शेखर सिंह और पत्रकार फरीद और उसके साथ सुभान ने व्‍यापारी दिलीप गुप्‍ता को पकड़कर थाने ले चलने की बात कही. काफी मान-मनौव्‍वल के बाद भी वो लोग दिलीप को थाने ले जाने के नाम पर अपनी गाड़ी में डालने लगे और धमकी दी कि देखना कल तुम्‍हारी लाश गोमती नदी में तैरती मिलेगी. यह सुनकर दिलीप गुप्‍ता घबरा गया और किसी तरह हाथ-पैर मारकर उनके चंगुल से भाग निकला. घबराहट के आलम में ही वो कैसरबाग कोतवाली पहुंच गया तथा पूरे मामले की जानकारी दी.

इसके बाद पुलिस को‍ लिखित तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. पुलिस जब एसटीएफ के कथित इंस्‍पेक्‍टर, पत्रकार व उनके साथियों को ढूंढने निकली से ये चारों कैसरबाग एक्‍सचेंज के पास खड़े मिले. पुलिस ने जब एसटीएफ के इं‍स्‍पेक्‍टर से पहचान पत्र मांगा तो उसका भेद खुल गया. जांच में पता चला कि यह एसटीएफ का फर्जी इंस्‍पेक्‍टर बना हुआ है. पुलिस ने पत्रकार फरीद, फर्जी इंस्‍पेक्‍टर शेखर सिंह और सुभान को गिरफ्तार कर लिया. चौथा आरोपी विनोद उर्फ लाला मौका देखकर फरार हो गया. पुलिस ने घटना में प्रयुक्‍त कार भी अपने कब्‍जे में ले लिया है.

 

 
 

 

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