अब दस हजार की सैलरी पाने वाले मीडियाकर्मी भी होंगे पीएफ दायरे में!

: अब तक यह सीमा 6500 रुपये है : नई दिल्‍ली : केंद्र सरकार भविष्य निधि (पीएफ) के लिए सैलरी सीमा को मौजूदा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की तैयारी कर रही है। इससे संगठित क्षेत्र के और ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ कवरेज के दायरे में लाया जा सकेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की फैसले लेने वाली शीर्ष संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी  (सीबीटी) की आगामी 15 जनवरी को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी जा सकती है। सीबीटी के एजेंडे में 'वेज सीलिंग' बढ़ाने के प्रस्ताव को लिस्ट किया गया है।

ईपीएफओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'बिजनेस भास्कर' को बताया कि पीएफ सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी है। कुछ माह पहले इस आशय का प्रस्ताव श्रम मंत्रालय को भेजा गया था। मंत्रालय ने वेज सीलिंग बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे। श्रम मंत्रालय ने प्रस्ताव पर सहमति जता दी है, इसलिए इसे आगामी सीबीटी बैठक के एजेंडे में शामिल करने को कहा गया है। अधिकारी के मुताबिक पीएफ के लिए मौजूदा समय में तनख्वाह सीमा 6,500 रुपये है। इससे ज्यादा वेतन वाले कर्मचारियों के लिए पीएफ चुनने या न चुनने का विकल्प होता है। ऐसे में काफी लोग कवरेज से बाहर हो जाते हैं। वेज सीलिंग 10,000 रुपये करने से बड़े पैमाने पर कांट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को पीएफ कवरेज का लाभ मिल सकेगा।

मौजूदा नियम के तहत 6,500 रुपये तक या इससे कम बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पीएफ कवरेज में शामिल किया जाता है। पीएफ में अपनी सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी देते हैं और 12' योगदान कंपनी का होता है। हाल ही में सेवानिवृत्त हुए पूर्व सेंट्रल पीएफ कमिश्नर आर.सी मिश्रा ने अपने कार्यकाल में पीएफ के सदस्यों की संख्या बढ़ाने के मकसद से वेज सीलिंग बढ़ाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था। सीबीटी की बैठक में वित्त वर्ष 2012-13 के लिए पीएफ पर दी जाने वाली ब्याज दर तय करने पर भी विचार किया जा सकता है। ट्रेड यूनियनों ने इस बार पीएफ पर 9.5' ब्याज देने की मांग की है। (भास्‍कर)

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