अमर उजाला में निवेश करने वाले डीई शॉ का भारत में कारोबार घटा

 

छह साल पहले भारत में अपना निजी इक्विटी कारोबार शुरू करने के बाद डीई शॉ समूह देश में अपना कारोबार समेट रहा है। डीई शॉ समूह दुनिया के सबसे बड़े हेज फंडों में शुमार है। प्रमुख सूत्रों के मुताबिक पीई के भारत प्रमुख और प्रबंध निदेशक अनिल चावला ने डीई शॉ से इस्तीफा दे दिया है और अब वह हॉन्ग कॉन्ग में कंपनी के सलाहकार के तौर पर काम करेंगे। भारत में कंपनी का मुख्यालय गुडग़ांव में है और ऐसा माना जा रहा है कि उसने निवेश पेशेवरों की संख्या 15 से घटाकर 2 कर दी है। ये पेशेवर अब एक बिजनेस केंद्र से काम करेंगे बचे हुए पोर्टफोलियो से बाहर निकलने का काम देखेंगे। 
 
सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने देश में कोई नया पीई निवेश नहीं करने का फैसला भी लिया है। संपर्क करने पर अमेरिका में डी ई शॉ के एक प्रवक्ता ने बताया, 'भारत में अब भी हमारा निवेश है। कुछ साल पहले हमारा कारोबार जितना बड़ा था, आज उतना बड़ा नहीं है और हमारे पास कर्मचारी भी कम हैं। यह बदले हुए निवेश हालात की वजह से है, लंबी अवधि के लिए भारत में निवेश के प्रति हमारी दिलचस्पी की वजह से नहीं।' वहीं इस मसले पर टिप्पणी के लिए अनिल चावला उपलब्ध नहीं थे।
 
डीई शॉ ने अपने वैश्विक पूल से भारत में निवेश किया है। बेहतर दौर में कंपनी ने देश में 200 करोड़ डॉलर का निवेश कर रखा था। हालांकि पिछले कुछ सालों में वह अपने कई प्रमुख निवेशों से बाहर निकल चुकी है और फिलहाल उसका पोर्टफोलियो केवल 40 से 50 करोड़ डॉलर का ही है जिससे वह बाहर निकलने की कोशिश करेगी। डीई शॉ ने 2006 में क्रेस्ट ऐनिमेशन स्टूडियोज में 15 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर देश में कदम रखा था। कंपनी ने यह हिस्सेदारी 40 करोड़ रुपये में खरीदी थी। कंपनी ने सबसे बड़ा सौदा तब किया था जब उसने 2009 में 50 करोड़ डॉलर में डीएलएफ ऐसेट्स लिमिटेड (डीएएल) की 36 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। 
 
रियल एस्टेट क्षेत्र में अब तक के सबसे मुनाफे वाले सौदों में से एक के तहत डीई शॉ ने केपी सिंह के परिवार के मालिकाना हक वाली कंपनी में अपना निवेश 40 फीसदी मुनाफे पर बेचा था। डीई शॉ ने अमर उजाला पब्लिकेशंस लिमिटेड में भी निवेश किया था मगर बाद में वह प्रवर्तकों के साथ एक कानूनी लड़ाई में फंस गई। कंपनी एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और जेमिनी इंडस्ट्रीज से भी बाहर निकल गई। इस हेज फंड ने शिक्षा, अक्षय ऊर्जा, रियल एस्टेट, प्रकाशन, ऐनिमेशन, प्रसारण, आउटसोर्सिंग और सुरक्षा सेवाओं समेत कुछ और प्रमुख क्षेत्रों में निवेश किया है। हालांकि चावला ने पिछले साल एक साक्षात्कार में उन नए क्षेत्रों के बारे में बात की थी जिनमें कंपनी ध्यान देना चाहेगी। इन क्षेत्रों में अस्पताल, अक्षय ऊर्जा, कृषि प्रसंस्करण उद्योग और शिक्षा शामिल हैं। डीई शॉ का रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ भी 50:50 का संयुक्त उपक्रम है जिसकी घोषणा मार्च 2011 में की गई थी। (बीएस) 

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