इलाहाबाद में बच गया कुंडा की पुनरा‍वृत्ति होने से

: हमलावरों से घिरे सीओ को हमराहियों ने अकेला छोड़ा, खतरे में पड़ गई जान : इलाहाबाद। पड़ोसी जिले में कुंडा कांड की आग अभी पूरी तरह बुझी भी न थी कि शनिवार को इलाहाबाद में भी एक डिप्टी एसपी पर जान की बन आई। संयोग अच्छा रहा कि एक बड़ी अनहोनी टल गई। हमलावरों से घिरे इस डिप्टी एसपी को भी कुंडा के डिप्टी एसपी जियाउल हक की तरह हमलावरों के बीच अकेला छोड़ हमराहियों ने मुंह फेर लिया। इतना ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात अन्य कई थानाध्यक्षों ने भी मदद मांगने के बावजूद कोई मदद नहीं की। भुक्तभोगी सीओ ने पुलिस के बड़े अफसर से मिलकर घटना की बाबत शिकायत की है।

मीडिया की जानकारी में आने के बाद मामले को मैनेज करने का खेल भी शुरू हो गया है। इलाहाबाद शहर का हार्ट प्लेस माना जाता है सिविललाइंस। शुक्रवार को रात में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में वोटों की गिनती चल रही थी। माहौल में काफी गहमागहमी थी। सीओ प्रथम समर बहादुर सिंह, एसओ कैंट, एसओ मुट्ठीगंज, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हाईकोर्ट एरिया में तैनात थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे में धुत करीब आधे दर्जंन लोग डिप्टी एसपी सिराज अहमद के पास पहुंचे और उन्हें घेर लिया और खींचातानी शुरू कर दी।

खतरा भांपकर सिराज अहमद ने मदद के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार भी लगाई पर पुलिसकर्मियों ने पीठ फेर ली। किसी तरह सिराज अहमद ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। बता दें कि सिराज अहमद सिविल लाइंस में सीओ के पद पर तैनात हैं। सीओ सिराज अहमद ने रात में ही पुलिस के एक बड़े अफसर से मिलकर घटना की शिकायत की है। उन्होंने हमराहियों के अलावा मौके पर तैनात अन्य कई थानाध्यक्षों के असहयोगात्मक रवैए का जिक्र किया। खास बात यह है कि सीओ सिराज अहमद का रिटायर्डमेंट नजदीक ही है। दो दिन पहले ही उन्होंने यहां का चार्ज लिया है।

इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट.

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