वाराणसी के पत्रकारों को आवंटित हुए प्लाट में कई पत्रकारों ने अपने प्लाट बेच दिए हैं. इसमें वरिष्ठ पत्रकार पदमपति शर्मा का भी नाम है. पदमपति शर्मा प्लाट बेचने वाले पत्रकारों में नाम आने के बाद से बहुत आहत हैं. उनका कहना है कि यह सूचना और खबर पूरी तरह से बेबुनियाद है. मैंने पत्रकारपुर में आबंटित जमीन को ना तो बेची है और ना ही किसी के नाम से रजिस्ट्री की है.
पदमपति शर्मा बताते हैं कि एक पत्रकार कितना निरीह होता है, इस दर्द को हम भोग रहे हैं. मेरे खातों में मात्र 38 हजार रुपये हैं. मुझे मात्र 761 रुपये पेंशन मिलती है. उनका कहना है कि पत्नी के हर्ट के इलाज के लिए मैंने कर्ज लिया. एक पत्रकार की आमदनी कितनी होती है सभी मीडियाकर्मियों को पता है. इसके बावजूद मुझे कभी बेइमानी करने की जरूरत नहीं पड़ी. दोस्तों से मदद-उधार लेकर मैंने अपनी जिम्मेदारियां पूरी की. पर इस तरह के अनर्गल आरोपों से मैं पूरी तरह अपमानित महसूस कर रहा हूं. उनका कहना है कि अगर मेरे पुत्र नहीं होते तो मुझे एक कप चाय तक मिलनी मुश्किल हो जाती.
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