”उत्‍तराखंड देश का अकेला राज्‍य, जहां प्रेस एवं विज्ञापन मान्‍यता समिति का गठन नहीं”

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में वजूद में आने के बाद प्रदेश में प्रेस मान्यता और विज्ञापन मान्यता समितियों का आजतक विधिवत गठन नहीं होने पर गुस्से का इजहार किया है। यूनियन ने कहा है कि उत्तराखंड सम्भवत: देश का ऐसा अकेला राज्य है, जहाँ प्रेस मान्यता और विज्ञापन मान्यता समितियों का विधिवत गठन नहीं हो सका है। सरकारी अफसरान पत्रकारों को मनमाने तरीके से प्रेस मान्यता और राज्य के अख़बारों को विज्ञापन मान्यता बाँट रहे हैं। यूनियन ने प्रदेश में तत्काल पारदर्शी सूचना नीति लागू करने और मीडिया परिषद् का गठन करने की मांग की है।

यूनियन ने उत्तराखंड में विज्ञापनों की हुई और हो रही बन्दरबाँट की फौरन उच्च स्तरीय जाँच कराने की वकालत की है। आरोप लगाया है कि प्रदेश का सूचना एवं लोक संपर्क विभाग अपने निहित स्वार्थों के चलते पत्रकारों और पत्रकार यूनियनों के बीच खाई पैदा कर उन्हें बाँटने की कोशिश कर रहा है। राज्य का सूचना महकमा मुख्यधारा के अधिसंख्य पत्रकार सदस्यों और राज्य में व्यापक सांगठनिक आधार वाले पंजीकृत पत्रकार ट्रेड यूनियनों की सरासर अनदेखी कर रहा है।

उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की शनिवार को रामनगर (नैनीताल) में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में यह बात कही गई। यूनियन ने कहा कि उत्तराखंड को अलग राज्‍य बने बारह वर्षों का लम्बा अरसा बीत जाने के वावजूद राज्य में आज दिन तक प्रेस मान्यता और विज्ञापन मान्यता समितियों का विधिवत गठन नहीं हो पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इन कमेटियों के विधिवत गठन नहीं होने से सूचना विभाग के अफसरों को मनमानी करने की एक प्रकार से खुली छूट मिली हुई है। प्रेस मान्यता और विज्ञापन मान्यता बाँटने में कई गड़बड़ियां होने का अंदेशा है। सूचना विभाग के आला अफसर पत्रकारों के पंजीकृत ट्रेड यूनियनों की सरासर अनदेखी कर रहे हैं। बैठक में तय हुआ कि इन तमाम मामलों को लेकर यूनियन का एक शिष्ट मंडल राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। राज्य के पत्रकारों और अख़बारों की ज्वलंत समस्याएँ मुख्यमंत्री के सामने रखेगा। यूनियन ने तय किया है कि राज्य से प्रकाशित तमाम समाचार संस्थानों में डेस्क पर काम करने वाले पत्रकारों की समस्याओं को लेकर एक अलग से बैठक बुलाई जाएगी। राज्य से प्रकाशित अख़बारों और दूसरे समाचार संस्थानों में काम कर रहे श्रमजीवी पत्रकारों को पत्रकारों के लिए गठित वेतन बोर्ड की सिफारिशों के मुताबिक वेतन मिले, इसके लिए यूनियन एक बड़ी लड़ाई शुरू करेगी। जरूरत पड़ने पर यूनियन इस मामले में सक्षम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाने से नहीं हिचकेगी। यूनियन के महासचिव प्रयाग पाण्डे  ने साफ किया की यूनियन का पहला और अंतिम लक्ष्य राज्य के श्रमजीवी पत्रकारों के हितों की हिफाजत करना है। श्रमजीवी पत्रकारों के हितों के संरक्षण के लिए यूनियन सभी मोर्चों पर संघर्ष करने को कृत संकल्प है।

बैठक में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जी द्वारा संपादित "प्रताप " का यह सौवां साल के मौके पर साल 2013 को "आत्मोसर्ग की पत्रकारिता के सौ साल" नाम से  "प्रताप" की जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। तय हुआ कि  इसके तहत "प्रताप" और गणेश शंकर विद्यार्थी जी के आदर्श पत्रकारीय जीवन से जुडी ज्ञात विभिन्न तिथियों में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की प्रदेश भर की समस्त नगर और जिला इकाईयों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रमानुसार उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की उत्तराखंड की सभी नगर और जिला इकाईयां 25 मार्च, 2013 को "शहीद दिवस", 22 अप्रैल, 6जुलाई और 30 अक्तूबर 2013 को "दमन- विरोधी दिवस" मनाएंगी। 8 जुलाई, 2013 को "जन – सहयोग दिवस", 26 अक्तूबर तथा 9 नवंबर 2013 को "अभ्युदय दिवस" मनाया जायेगा। इसके अलावा इस अवधि में यूनियन की सभी नगर और जिला इकाईयां अपनी सुविधानुसार अपने क्षेत्र के स्कूल – कालेजों में "प्रताप" और विद्यार्थी जी के जीवन एवं पत्रकारिता के उच्च आदर्शों पर आधारित विचार – गोष्ठियों का आयोजन करेंगी। "आत्मोसर्ग की पत्रकारिता के सौ साल" का शुभारंभ 1 जनवरी, 2013 को उत्तराखंड के सभी नगर – जिलों से एक साथ होगा। यूनियन द्वारा विद्यार्थी जी द्वारा स्थापित मूल्यपरक और जनपक्षीय पत्रकारिता के आदर्शों और अख़बार और पत्रकारों के लिए सुझाई आचार संहिता पर केन्द्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जायेगा। इस सेमीनार का स्थान और तिथि यूनियन की प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा बाद घोषित की जाएगी। "प्रताप" के "अभ्युदय" के दिन 9 नवंबर 2013 को कार्यक्रमों का समापन होगा।

बैठक में यूनियन की कुछ जिला और नगर ईकाइयों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए यूनियन के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगत मर्तोलिया को अल्मोड़ा, पिथौड़ागढ़, चम्पावत और बागेश्वर जिले, डॉ. रजनीकांत शुक्ल को देहरादून और हरिद्वार, पंकज वार्ष्णेय को नैनीताल और उधमसिंह नगर तथा त्रिभुवन उनियाल को पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिले का प्रभारी बनाया गया है। यूनियन की बैठक में तय हुआ कि अपने अधिकारों के लिए यूनियन द्वारा शुरू की गई न्यायिक कार्यवाहियाँ पूर्ववत जारी  रहेंगी। यूनियन अपने सदस्यों के हकों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। यूनियन से जुड़े मामलों में आईएफडब्लूजे से समन्वय कायम करने के लिए पीसी तिवारी के संयोजन में एक समिति बनाई गई। एनडीटीबी के सम्वाददाता और यूनियन के वरिष्ठ सदस्य दिनेश मानसेरा, डॉ. रजनीकांत शुक्ला, यूनियन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष अविक्षित रमन और बीसी भट्ट को इस समिति का सदस्य चुना गया। तय हुआ कि यूनियन की राज्य कार्यकारिणी की अगली बैठक  अगले साल फरवरी के दूसरे सप्ताह हरिद्वार में होगी। हरिद्वार बैठक के संयोजन का जिम्मा यूनियन के कोषाध्यक्ष अविक्षित रमन और उपाध्यक्ष डॉ रजनीकांत शुक्ला को सौंपा गया।

दो सत्रों में चली यूनियन की बैठक के पहले सत्र की अध्यक्षता उपाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शुक्ला ने की। दूसरे सत्र की अध्यक्षता पंकज वार्ष्णेय द्वारा की गई। बैठक में जाने – माने  जन कवि बल्ली सिंह चीमा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। संचालन महासचिव प्रयाग पाण्डे  ने किया। बैठक में यूनियन के मानवाधिकार प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक ओपी पाण्डे, प्रभात ध्यानी, नैनीताल के जिला अध्यक्ष विपिन चंद्रा, विनोद पपनै, हरीश भट्ट, मुनीष कुमार, राजीव अग्रवाल, जितेन्द्र पपनै, आसिफ सिद्दीकी, धनश्याम सती, गितेश त्रिपाठी, अनिल मिश्र, कुंवर सिंह देव, आशीष ढौंडियाल, डॉ हिमांशु द्विवेदी, नौशाद सिद्दीकी, आसिफ इक़बाल, प्रमोद बमेठा, हरीश चन्द्र बिरखानी, बसंत पाण्डे, आनंद भट्ट, प्रेम अरोरा, चंचल गोला, नैनीताल जिले के महासचिव विनोद मेहरा, गोविन्द पाटनी, खुशाल सिंह रावत, युगवाणी के जगमोहन रौतेला, विमल शर्मा समेत उत्तराखंड के तमाम जिलों के करीब पांच दर्जन से ज्यादा कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक के लिए यूनियन के इलैक्ट्रानिक मीडिया प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक गणेश रावत और रामनगर की इकाई को संयोजक बनाया गया था। गणेश रावत की अगुवाई में रामनगर इकाई से जुड़े सभी पत्रकारों ने कार्यकारिणी की बैठक को कामयाब बनाने में भरपूर सहयोग किया।

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