एक पत्रकार है जो चिल्ला रही है कि देखो मेरी ख़बर का असर हुआ…

Dilnawaz Pasha : एक पत्रकार है जो चिल्ला रही है कि देखो मेरी ख़बर का असर हुआ, तीन सिपाही निलंबित हो गए. एक पार्टी है जो कह रही है कि देखो हमारे वीडियो का असर हुआ और तीन सिपाही निलंबित हो गए. लेकिन सच यह है कि यह एक आम आदमी की जीत है. जो बुराई नहीं देख सकता. जिस व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया वो एक आम आदमी था जो उस दिन रास्ते से गुज़र रहा था. युवक को बेरहमी से पिटते हुए देखा और उससे रहा नहीं गया.

वो आम आदमी कहता है, "देश की राजधानी में, सबसे चर्चित पर्यटन स्थल के पास, बच्चों, बुज़ुर्गों, विदेशी सैलानियों के सामने एक युवक पिट रहा था. और सब देख रहे थे. खामोश. डर से सहमे हुए. पुलिस की ये बर्बरता देख क्या बच्चे कभी उन पर विश्वास कर पाते? मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था. मैं पुलिस से जाकर भिड़ नहीं सकता था. इसलिए कैमरे का इस्तेमाल किया. सोचा यह सच्चाई पुलिस के बड़े अधिकारियों तक पहुँचेगी."

यक़ीन जानिए, सबसे ताक़तवर और सबसे असरदार वो आम आदमी है जो अपनी ज़िम्मेदारी को समझता है. बुराई को देखकर ख़ामोश नहीं बैठता. जो उससे बन पड़ता है वो करता है. बस आँखे मूँदकर आगे नहीं गुज़र जाता. जान लीजिए, बुरे को बुरा कहना सबसे बड़ा विरोध है. और हाँ, आम आदमी पार्टी में भी पहले 'आम आदमी' आता है. अंतिम बातः पत्रकार या पार्टी नहीं, आम आदमी असरदार होने चाहिए!

बीबीसी में कार्यरत पत्रकार दिलनवाज पाशा के फेसबुक वॉल से.

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