एनडीटीवी इंडिया का एक एडिटर कई आरोपों के घेरे में!

प्रिय यशवंत जी, मुझे आपकी वेबसाइट के बारे में अपने एक पत्रकार मित्र के ज़रिए जानकारी मिली। दो-तीन दिन आपके पोर्टल को पढ़ने के बाद ऐसा लगा कि मैं आपके साथ एक खबर को शेयर कर सकता हूँ। खबर को पढ़ने के बाद ये आप पर निर्भर करता है कि आप उस खबर को अपनी वेबसाइट पर जगह देंगे या नहीं। खबर NDTV INDIA न्यूज़ चैनल के एक एडिटर के बारे में है।

NDTV INDIA के इस एडिटर का नाम xyz है और वो फिलहाल xyz ब्यूरो में तैनात हैं। इन महोदय ने तीन सालों में नाजायज तरीकों जैसे वसूली, हवाला से अथाह पैसे कमाएं हैं। मैंने उनकी कारगुजारियों का पूरा ब्योरा चैनल के कर्ता-धर्ता जैसे प्रन्नॉय रॉय, राधिका रॉय, विक्रम चंद्रा और नारायण राव तक ई-मेल के ज़रिये पहुचायी। सभी आरोपों के लिए circumstantial evidence भी मुहैया कराया। मैंने पहला मेल नवम्बर के पहले हफ्ते में किया, दूसरा दिसंबर के पहले हफ्ते में भेज और तीसरा मेल जनवरी के तीसरे हफ्ते में भेजा।

मुझे उनके HR Head का एक जवाब भी दिसम्बर महीने के तीसरे हफ्ते में आया। इस मेल में मुझसे evidence माँगा गया। HR HEAD के इस मेल को मैं हाल ही में पढ़ पाया जिसके बाद मैं evidence जुटाने में लग गया हूँ। मैं अबतक समझ रहा था कि मैंने उन्हें जानकारी देकर अपना काम कर लिया। लेकिन अब उनके हिस्से का काम भी मुझे ही करना है। NDTV के HR Head के मेल पढ़ कर लगा कि वो फिलहाल internal investigation करने के मूड में नहीं है।

मैंने उन्हें ये मेल्स जी-जिंदल मामला सामने आने से पहले लिखा था। न्यूज़ चैनलों को हमेश self-regulation की बात करते सुना है लेकिन पहल करते कभी नहीं देखा है। अगर NDTV चाहे तो मेरे किसी भी point को उठाकर जांच कर सकती है। सच खुद ही सामने आ जायेगा। लेकिन शायद कंपनी evidence के बिना कोई कदम नहीं उठाएगी। खैर, मुझे xyz जी के खिलाफ सबूत जमा करने में ज्यादा टाइम नहीं लगेगा।

एक शख्स के पास xyz जी का एक वीडियो भी है जिसमें वो मोल-भाव करते हुए साफ़ देखे और सुने जा सकते हैं। लेकिन उस शख्स को मैं फिलहाल locate नहीं कर पा रहा हूँ। लेकिन इतना साफ़ है कि जब भी मुझे वो वीडियो मिलेगा मैं उसको आपसे और Broadcast Editors' Association (BEA) से शेयर करूँगा, NDTV को नहीं दूंगा।

मैं आपको इस मेल के साथ दो attachment भेज रहा हूँ जिसमें NDTV के साथ मेरा communication है। मैंने मेल में चैनल के मालिकों को बताया है कि कैसे बिना लोन लिए xyz जी xyz जैसे महंगे शहर में कई मकानों के मालिक है। नेताओं, बिल्डर, और बिजनेसमैन से उनका कैसा nexus है। NDTV में कैसे वो पैसे लेकर खबर रोकते, चलते हैं। कहा ये भी जाता है कि जो भी उनके scheme of things के लिए खतरा बनता दिखता है उसे वो NDTV की मंदी की छंटनी के दौरान बाहर का रास्ता दिखवा देते हैं।

यशवंत जी, आशा करता हूँ कि आप मेरे इस मेल को गंभीरता के साथ पढ़ेंगे और अपने पोर्टल में जगह देंगे। मैं फिलहाल अपनी पूरी पहचान नहीं मुहैय्या कर रहा हूँ लेकिन जल्द ही evidence के साथ मैं Delhi में आपसे मुलाक़ात करूंगा।

आपका प्रशंसक

KR


मेल के साथ कोई प्रमाण न होने के कारण, सिर्फ आरोप होने के कारण, जिन सज्जन पर आरोप लगा है, उनका नाम और उनके शहर का नाम हटा दिया गया है ताकि उनकी पहचान उजागर न हो और बेवजह उनकी मानहानि न हो. उम्मीद करते हैं कि मेल भेजने वाले सज्जन प्रमाण भी मुहैया कराएंगे ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके, अन्यथा उपरोक्त सारी बातें बकवास मानी जाएंगी. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

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