एफएम रेडियो के कंटेंट पर भी सरकार कसेगी शिकंजा

 

केंद्र सरकार एक ऐसी संस्था स्थापित करने जा रही है जो एफएम रेडियो स्टेशनों पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की विषयवस्तु की निगरानी करेगी। 12वीं योजना के दौरान सरकार अपनी इस मंशा को मूर्त रूप देने जा रही है। सूचना एवं प्रसारण सचिव उदय कुमार वर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगले 2 साल में करीब 800 नए एफएम चैनल लांच होने वाले हैं। ऐसे में एफएम चैनलों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उनके कंटेंट की निगरानी जरूरी हो गई है।
 
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (ईएमएमसी) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए वर्मा ने कहा कि रेडियो कंटेंट की निगरानी को अभी काफी उद्देश्यपूर्ण तरीके से किया जाना बाकी है। हमें एक तंत्र की जरूरत होगी और उसको प्रभावी तरीके से लागू भी करना होगा। करीब 800 नए एफएम चैनल अगले एक से तीन साल में लांच होने वाले हैं ऐसे में कई ऐसी समस्याएं होंगी जिनका सामना करना पड़ेगा।
 
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में निजी एफएम चैनलों को समाचारों के प्रसारण की इजाजत मिलने वाली है, ऐसे में एफएम चैनलों के कंटेंट की निगरानी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी। वर्मा ने कहा कि पहले एफएम चैनलों को आकाशवाणी के चयनित समाचारों के प्रसारण की ही इजाजत मिलेगी, लेकिन बाद में उनको खुद से समाचार जुटाने और उनके प्रसारण की अनुमति भी दी जा सकती है। ऐसे में कई ऐसे मुद्दे आएंगे जिनके लिए निगरानी आवश्यक होगी।
 
बाद में ईएमएमसी की निदेशक रंजना देव शर्मा ने कहा कि ईएमएमसी कंटेंट मॉनिटरिंग की खुद की भूमिका को रेडियो और टीवी चैनलों तब विस्तृत करने की योजना बना रही है। 12वीं योजना के दौरान रेडियो कंटेंट को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक निगरानी में रखने के लिए एक बड़े तंत्र की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों की संख्या भी जल्द ही 1200 तक पहुंच जाएगी। (बिजनेस भास्‍कर)

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