एसएमएस के जरिए लूट पर बीएसएनएल व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज

 

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आज बीएसएनएल मोबाइल पर अवांछनीय एसएमएस भेज कर पैसे लूटने से जुड़े मामले में एफआईआर  दर्ज करने हेतु थाना महानगर, लखनऊ में प्रार्थनापत्र दिया है. महानगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. इस पूरे मामले में जांच की तैयारी की जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में अगर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई की गई तो आम लोगों को काफी राहत मिल सकती है. 
 
अपने शिकायत में उन्होंने कहा है कि आज दोपहर बारह बजे उनके तथा उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के मोबाइलों पर किसी इजीवॉल्ट सर्विस के एक नंबर 525854020 से मैसेज आया जिसने यह कहते हुए कि आपका डाटा अब सुरक्षित है, उन दोनों के एकाउंट बैलेंस से बीस रुपये अचानक से काट लिए. ठाकुर के अनुसार यह इलेक्ट्रोनिक माध्यम का प्रयोग करते हुए की गयी चोरी तथा ठगी है जो बिना उनकी इच्छा के किया गया है. 
 
ठाकुर ने अपने प्रार्थनापत्र में कहा है कि चूँकि उन्होंने कई लोगों के साथ ऐसा होने की बात सुनी है, अतः वे इसे जनहित का मुद्दा समझते हुए एफआईआर कराना चाहते हैं. उनके अनुसार इजीवॉल्ट सर्विस का यह कार्य धारा 379, 403 आईपीसी एवं धारा 66ए इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट, 2000 के अंतर्गत अपराध है. साथ ही बीएसएनएल के भी कुछ अधिकारी भी धारा 406 तथा 409 आईपीसी में इस आपराधिक कृत्य के भागी दिखते हैं. इस शिकायत के बाद लखनऊ की महानगर थाने में बीएसएनएल अधिकारी तथा इजीवॉल्‍ट सर्विव के खिलाफ एफआईआर संख्या 381/12 के अंतर्गत आईपीसी की धारा 406, 409, 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 
 
नीचे थाने में दिया गया शिकायती पत्र. 


 

सेवा में, 
प्रभारी निरीक्षक, 
थाना महानगर, 
जनपद लखनऊ   
 
विषय- बीएसएनएल मोबाइल पर अवांछनीय एसएमएस में माध्यम से आपराधिक कृत्य करने के सम्बन्ध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने हेतु 
 
महोदय, 
 
कृपया अनुरोध है कि मैं अमिताभ ठाकुर (स्थायी पता- निवासी 5/426, विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ) एक आईपीएस अधिकारी हूँ और वर्तमान में पुलिस अधीक्षक, रूल्स एवं मैनुअल्स, लखनऊ, कार्यालय वायरलेस हेडक्वार्टर्स, वायरलेस चौराहा, थाना महानगर के पद पर तैनात हूँ. मैं भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), कोरपोरेट कार्यालय- बीएसएनएल), कोरपोरेट कार्यालय, स्टेट्समैन हॉउस, 148 बाराखम्बा रोड, नयी दिल्ली- 110001 का उपभोक्ता हूँ और बीएसएनएल का प्री-पेड मोबाइल नंबर 94155-34526 प्रयोग करता हूँ. आज दिनांक 20/11/2012 को करीब बारह बजे मेरे साथ बहुत विचित्र घटना घटी जब अचानक मेरे मोबाइल पर एक मैसेज दिखा जो हमेशा किसी को फोन करने अथवा कोई मैसेज भेजने कर आया करता है. इस मैसेज के अनुसार मेरे बीस रुपये (रु० 20) अचानक से कट गए थे और मेरा एकाउंट बैलेंस उसी हिसाब से कम हो गया था.  
 
मुझे काफी आश्चर्य हुआ क्योंकि मैंने उस समय कोई ऐसा फोन नहीं किया था जिसमे बीस रुपये लगे हों. फिर मुझे ऐसा लगा कि शायद उस किस्म का कोई मैसेज आया हो जिसके बारे में कई लोगों में मुझे बताया था कि बीएसएनएल मोबाइल फोनों पर ऐसे कथित मैसेज आते हैं जिनके आने या जिन्हें खोलने मात्र से ही काफी पैसे स्वयं किसी के मोबाइल एकाउंट बैलेंस से उस सम्बंधित मैसेजकर्ता के पास चले जाते हैं. मैंने यह बात कई बार सुनी थी और यह भी सुना था कि इस प्रकार से कथित टॉप-अप मैसेज आदि के नाम पर कई सारी कम्पनियां आम उपभोक्ताओं के पैसे बुरी तरह लूट रही हैं. मैंने यह भी सुना था कि इस तरह के कामों में बीएसएनएल के भी कुछ अधिकारियों की मिलीभगत रहती है जो पैसे के लालच में इस तरह की कंपनियों को इस प्रकार मैसेज भेजने की अनुमति दे देते हैं अथवा इनके सम्बन्ध में जानकारी दिये जाने पर भी कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं करते हैं. अन्य लोगों के अलावा मुझे यहाँ लखनऊ के बीएसएनएल विभाग के एक उच्चपदस्थ अधिकारी ने भी एक दिन ऐसी बात बतायी थी.  
 
अतः मैंने इस तरह की बातें तो कई बार सुनी थीं पर व्यक्तिगत इसका कोई अनुभव नहीं हुआ था. आज जब मेरे बीस रुपये इस तरह से अचानक चले गए तो मैंने अपने मोबाइल का मैसेज बॉक्स देखा. उसमे मैंने पाया कि एक मैसेज नंबर 525854020 (Today 11.51) से आया था. मैंने इस मैसेज को खोला तो उसमे लिखा था- “Thank you for using EasyVault service, ur data is backed up safely! Ur subscription is renewed now at Rs. 20 pm. To unsubscribe SMS UNSUB to 5258599 From 525854020  11.49” अर्थात इजीवॉल्ट सर्विस का प्रयोग करने हेतु धन्यवाद. आपका डाटा अप सुरक्षित है. आपका सब्सक्रिप्शन बीस रुपये प्रति माह के दर से रिन्यू किया जाता है. यदि इससे अलग होना है तो नंबर 5258599 पर एसएमएस करें.  
 
इस प्रकार साफ़ था कि इस मैसेज द्वारा मेरे साथ बेईमानी की गयी है और इलेक्ट्रोनिक माध्यम का प्रयोग करते हुए मेरे बीस रुपये मुझसे बेईमानी से चोरी कर ठग लिए गए थे. मैंने इजीवॉल्ट अथवा ऐसी किसी भी सर्विस के लिए आवेदन नहीं किया था जो मेरे डाटा को सुरक्षित रूप से बैकअप करे. मैं ना तो इजीवॉल्ट सर्विस को जानता हूँ, ना ही मुझे इस सर्विस की कोई जरूरत थी और ना ही मैंने इस सेवा के लिए आवेदन किया. इसके बावजूद अपनी मर्जी से, अपने आप इजीवॉल्ट द्वारा उपरोक्त नंबर 525854020 से यह मैसेज भेज कर मेरे बीस रुपये बिना मेरी इच्छा के छल करके, झूठ का सहारा ले कर, आपराधिक कृत्य के माध्यम से ले लिए गए. इसके साथ ही यह मैसेज भेज कर मुझे इलेक्ट्रोनिक माध्यम का प्रयोग कर जानबूझ कर annoyance तथा inconvenience भी प्रदान किया गया था.  
 
जैसे ही यह घटना मेरे साथ हुई मैंने तत्काल फोन करके अपनी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर, निवासी 5/426, विराम खंड, गोमती नगर, लखनऊ को उनके बीएसएनएल प्री-पेड मोबाइल नंबर  94155-34525 पर फोन कर बात की और पूछा कि क्या उन्हें भी ऐसा कोई मैसेज आया है. उन्होंने अपना मोबाइल चेक किया और पाया कि उनके भी बीस रुपये इसी प्रकार से कट गए हैं और उनके साथ भी यही आपराधिक घटना घटी है, जो मेरे साथ हुई है.  
मैं बीस रुपये के अपने तथा अपनी पत्नी के इस आपराधिक हानि के बारे में आपके सम्मुख आ कर यह प्रार्थनापत्र नहीं देता यदि यह मात्र हमारा अकेला मामला होता. जैसा मैंने ऊपर बताया, मैंने दर्ज़नों लोगों से सुना है कि बीएसएनएल कंपनी के मोबाइलों में इस तरह की खुलेआम लूट मची हुई है और कहा जा रहा है कि बीएसएनएल के अधिकारियों की जानकारी में यह सब हो रहा है. ऐसे में मैं यह अपना धर्म समझता हूँ कि इस आपराधिक कृत्य के विषय में आपको सूचित करूँ ताकि आपके स्तर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जाए और इस प्रकार से चारों तरफ मचाई जा रही लूट पर शायद कुछ अंकुश लग सके.  
 
मेरी व्यक्तिगत जानकारी के अनुसार इजीवॉल्ट द्वारा उपरोक्त नंबर 525854020 से भेजा गया यह मैसेज जिसके द्वारा जबरदस्ती मेरे और मेरी पत्नी के बीस-बीस रुपये चोरी तथा ठगी किये गए भारतीय दंड विधान की धारा 379 तथा 403 के अंतर्गत आते हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रोनिक माध्यम का प्रयोग कर जानबूझ कर मुझे और मेरी पत्नी नूतन को annoyance तथा inconvenience प्रदान करने के लिए वे धारा 66ए इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट, 2000 के अंतर्गत भी अपराध करते दिखते हैं. साथ ही जैसा कहा जा रहा है कि बीएसएनएल के भी कुछ अधिकारी इन आपराधिक कृत्यों में लालचवश मिलीभगत किये हुए हैं, जिसके कारण इजीवॉल्ट सर्विस बीएसएनएल के सम्बंधित अधिकारियों के साथ आईपीसी की धारा 406 तथा 409 के आपराधिक कृत्य के भी भागी दिख पड़ते हैं.  
 
अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि ऊपर वर्णित अथवा अन्य उपयुक्त धाराओं में नियमानुसार आपराधिक मुक़दमा पंजीकृत कर विवेचना करने की कृपा करें.  
         
भवदीय, 
 
(अमिताभ ठाकुर) 
 
5/426, विराम खंड, 
गोमती नगर, लखनऊ  
 94155-34526
 
दिनांक- 20/11/2012 
 
पत्र संख्या- AT/BSNL/SMS/01   

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *