ए‍क फोन पर मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार बन गया अब्‍दुल मुईज खान

: एलआईयू ने नहीं की जांच : अब्‍दुल मुईज खान. जी हां, यही नाम है गिरफ्तार किए गए फर्जी सीबीआई एसपी रजनीश वर्मा के कथित सरगना का. यह कथित सरगना पत्रकार है. राज्‍य मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार. इस पत्रकार की पंचम तल की सबसे ताकतवर अधिकारी के यहां उठना बैठना रहा है. इसी उठने-बैठने की हनक का असर रहा है कि ये कई गनर साथ लेकर घूमता था. अगर किसी के साथ गनर हो तो हनक या कहें कि भौकाल ऐसे ही बन जाता था. इसी संबंध और भौकाल का असर था कि एनेक्‍सी में कोई भी मुईज खान को रोकने-टोकने की हिम्‍मत नहीं करता था.

मुईज खान पर करीब आधा दर्जन मामले हैं. कई मामले इसकी हनक के चलते दर्ज नहीं हुए. इसकी हनक का ही असर था कि बिना एलआईयू जांच के ही इसे राज्‍य मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार बना दिया गया. सूत्रों का कहना है कि इसको मान्‍यता दिलाने के लिए इसी पंचम तल की महिला अधिकारी ने सूचना निदेशक को आदेश दिया था. इसी का असर रहा कि न कोई जांच न कोई प्रक्रिया.. और मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार बन गया अब्‍दुल मुईज खान.

बताया जा रहा है कि अगर वह सीबीआई के फर्जी एसपी की पैरवी करते समय पत्रकारों से नहीं उलझता तो पुलिस को दबाव में लेने में सफल हो जाता और रुतबा भी कायम रखता. पर पत्रकारों से भिड़ना ही इसे भारी पड़ गया. पत्रकारों ने जब इससे पूछताछ शुरू कर दी तो इस जालसाल का भांडाफोड़ हो गया. बताया जा रहा है कि इन्‍हीं सब करतबों की वजह से यह दूसरे सारे काम बेधड़क कर पा रहा था. इस पर जमीनों पर कब्‍जा करने के भी आरोप हैं. ये सारा हनक पंचम तल पर बेधड़क आने जाने के चलते हुए. जेन्‍यूइन पत्रकारों को पंचम तल पर किसी से मिलने में पसीना आ जाता है वहीं अब्‍दुल मुइन बेरोकटोक कहीं भी आ जा सकता था. 

 

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