कमर मटकाने और क्रिकेट खेलने वालों को क्यों मिलता है पदम भूषण और पदम श्री जैसे पुरस्कार?

बी.पी. गौतम :  इत्ती बात तो समझ आ गई कि पत्रकारिता से रोटी के साथ पुरस्कार भी नहीं मिलना है, जबकि कमर मटका कर बड्डा आदमी बनने के साथ पदम् भूषण और पदम् श्री की उपाधि आसानी से मिल सकती है … देखो न, फिल्म फेयर अवार्ड की तरह ही फिल्म वालों ने पदम् भूषण और पदम् श्री झटक लिए … कमर मटकाना महान काम है, क्रिकेट खेलना महान काम है, कपड़े सिलना भी महान काम है और पचास से अधिक लड़कियों का संग करने के बाद मर जाना भी महान काम है … अरे कोई है, जो मुझे कमर मटकाना सिखा दे…

पत्रकार बीपी गौतम के फेसबुक वॉल से.

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