करोड़ों के पीडीएस घोटाले की जांच कर रहे आईपीएस एमएस चौहान लापता

अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले के तिप्पी नामक जगह से एक आईपीएस अधिकारी के लापता होने की खबर है. विशेष जांच शाखा के पुलिस अधीक्षक एमएस चौहान मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे तिप्पी के पास उस वक्त अचानक लापता हो गए जब वो ईटानगर से तवांग जा रहे थे. एमएस चौहान को अरुणाचल प्रदेश में वर्ष 2008 में हुए करोड़ों रुपये के पीडीएस घोटाले के मामले में गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पश्चिमी कामेंग के पुलिस अधीक्षक टीटी लामा के हवाले से कहा है कि आईपीएस अधिकारी चौहान ने अपने अधीनस्थ इंस्पेक्टर मोहन काए और कांस्टेबल विक्रम सिंह से उन्हें तिप्पी स्थित बाजार तक छोड़ने और उनके आने तक इंतजार करने को कहा था.

टीटी लामा के अनुसार चौहान ने उसके बाद एक साथ खाना खाने की बात कही थी, लेकिन वहां से जाने के बाद से अब तक उनका कुछ भी पता नहीं चल सका है. पीटीआई के मुताबिक एसपी लामा ने उनके अपहरण की किसी भी आशंका को खारिज किया है क्योंकि वो जहां गए थे वो काफी भीड़-भाड़ वाला इलाका है. लामा ने बताया, “हमने पिछली रात से ही व्यापक तलाशी अभियान चला रखा है, लेकिन अभी तक उनका कोई भी सुराग नहीं मिल सका है.” इस मामले में भलुकपॉन्ग पुलिस थाने में एक रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है.

अरुणाचल प्रदेश में जन वितरण प्रणाली में एक हज़ार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद मामले की जांच के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच इकाई का गठन किया गया था. गुवाहाटी हाई कोर्ट भारत का एकमात्र हाई कोर्ट है जो पूर्वोत्तर के सात राज्यों के मामलों की सुनवाई करता है. इस घोटाले के तहत ट्रांसपोर्ट में रियायत के करोड़ों रुपयों के फ़र्ज़ी बिल को पास किया गया था. यही नहीं, आवश्यक वस्तुओं की ख़रीद के लिए भी जो बिल पास किए गए थे, उनकी राशि बहुत ज़्यादा थी.

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