किसे पता था ऐसे रुलाकर कर चले जाएंगे हंसाने वाले जसपाल भट्टी

 

मशहूर कामेडियन जसपाल भट्टी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनका बेटा जसराज भट्टी और सुरीली गौतम घायल हुए हैं। वह अपनी नई फिल्म पावर कट की प्रमोशन के सिलसिले में बठिडा से जलंधर जा रहे थे। शाहकोट के पास उनकी कार पेड़ से जा भिड़ी। जबरदस्त टक्कर में भट्टी की मौत हो गई। घटना बुधवार और गुरुवार बीच रात की है। जानकारी के मुताबिक जसपाल भट्टी के बेटे जसराज और एक पीआरओ की हालत गंभीर है जबकि सुरीली गौतम को मामूली चोटे आई हैं। हादसे की खबर से हर तरह सन्नाटा छाया हुआ है। 
 
जसपाल भट्टी चंडीगढ़ के सेक्टर-19 के रहने वाले थे। उनका जन्म 3 मार्च 1955 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। वह पंजाब इंजीनियरिंग कालेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। कुछ समय तक नौकरी के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से प्रकाशित द ट्रिब्यून में कार्टूनिस्ट के तौर पर भी काम किया। उसके बाद उन्होंने दूरदर्शन में अपना भाग्य आजमाया। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने अपने शो उल्टा-पुल्टा के जरिए मकबूलियत पाई। उन्होंने कोई दो दर्जन हिदी और पंजाबी फिल्मों में भी काम किया। पंजाबी फिल्मों में मेहर मित्तल के बाद वे सबसे बड़े हास्य कलाकार के तौर पर स्थापित हुए। उनके मशहूर टीवी शो में उल्टा-पुल्टा, फ्लाप शो, फुल टेंशन, थेंक यू जीजा जी, हाय जिंदगी-बाय जिंदगी प्रमुख है। 
 
उन्होंने वर्ष 1999 में पहली फिल्म काला साम्राज्य में काम किया। उसके बाद से हिंदी फिल्मों में भी वे पसंद किए जाने  लगे थे। उसके बाद जानम समझा करो, आ अब लौट चलें, माहौल ठीक है, कारतूस, वो बेवफा, खौफ, हमारा दिल आपके पास है, यह जलवा, शक्ति द पावर, कोई मेरे दिलसे पूछे, जानी दुश्मन, एक अनोखी कहानी, तुझे मेरी कसम, कुछ न कहो, नालायक, मेरा दिल ले के देखो, फांस, एक, चक दे फट्टे, हम तुम शबाना, मौसम और पावर कट। पावर कट उनकी नई फिल्म है जो शुक्रवार 26 दिसंबर को रिलीज होनी थी। इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में वे पंजाब के दौरे पर थे। तीन दिन पहले उन्होंने इसी फिल्म का प्रमोशन चंडीगढ़ में भी किया था। 
 
उनकी शादी 24 मार्च 1985 को सविता भट्टी से हुई थी। सविता भट्टी भी अभिनय का शौक रखती थी। फ्लाप शो के सभी सीरियलों में उनकी प्रमुख भूमिका थी। जसपाल भट्टी के बेटा जसराज और बेटी राबिया है। जसराज भी अभिनय क्षेत्र से जुड़े है। जसपाल भट्टी ने एक्टिंग स्कूल भी खोल रखा है। जहां से प्रशिक्षण लेकर लोगों ने पंजाबी और हिंदी अभिनय में अपना स्थान बनाया है। जसपाल भट्टी का नानसैंस क्लब भी है जो सामयिक मुद्दों पर नए रूप और तेवर के तौर पर समय-समय पर आता है। महंगाई, भ्रष्टाचार या आम आदमी से जुड़े मुद्दों को क्लब शिद्दत से उठाता रहा है। 
 
जयश्री राठौड़ की रिपोर्ट. 

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