चतरा में लैपटॉप और स्‍कूटर देकर पटाए जा रहे हैं पत्रकार!

चतरा के मीडियाजगत में एक खबर बड़ी तेजी से चर्चा में बनी हुई है. स्‍थानीय नक्‍सल संगठन से जुड़े रहे गंगेश गंजू और सुधांशु सुमन की खबर हिंदुस्‍तान और प्रभात खबर अखबार में हर दिन छप रही है. हालांकि खबर का छपना कोई बड़ी घटना नहीं है, पर जो आरोप लग रहे हैं वे सचमुच गंभीर हैं. हिंदुस्‍तान के ब्‍यूरोचीफ ठाकुर धीरेंद्र प्रसाद एवं प्रभात खबर के ब्‍यूरोचीफ दीनबंधु पर आरोप लगा है कि इन लोगों को उपहार और पैसे देकर ओबेलाइज किया गया है, जिसके चलते इन दोनों लोगों के प्रत्‍येक छोटे-बड़े कार्यक्रम को व्‍यापक कवरेज मिल रहा है.

सुधांशु सुमन जो कभी पत्रकारिता करते थे, अब समाज सेवी हो गए हैं. वहीं गणेश गंजू झामुमो से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. चर्चा है कि गणेश फिर से चुनाव में ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हैं इसलिए वे अखबारों में व्‍यापक कवरेज चाह रहे हैं. गणेश के इसी चाहत को सुधांशु सुमन पूरी करवा रहे हैं. तमाम तरीके से सेवा करने अलावा ये भी आरोप लग रहे हैं कि दीनबंधु को लैपटॉप और पैसा देकर तथा धीरेंद्र प्रसाद को स्‍कूटर और पैसा देकर ओबेलाइज किया गया है. इन्‍हें दिल्‍ली टूर पर भी जे जाया गया.

हालांकि दोनों अखबारों के ब्‍यूरोचीफों पर आरोप लगने का बहुत बड़ा कारण गणेश गंजू और सुधांशु सुमन की छपने वाली खबरें और फोटो हैं. जिसे ये दोनों अखबार तो जमकर छाप रहे हैं लेकिन भास्‍कर और दैनिक जागरण जैसे अखबारों में इन्‍हें उतनी जगह नहीं मिल रही है. हालांकि अब बताया जा रहा है कि वहां भी मैनेज करने की कोशिशें चल रही हैं. दीनबंधु पर लग रहे आरोपों के संबंध में जब उनसे पूछा गया कि तो उनका कहना था कि कुछ लोग जानबूझ कर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. नहीं छापते तो दूसरा आरोप लगा दिया जाता. ऐसी बातों का कोई प्रूफ तो होता नहीं है. दिल्‍ली भी हम किसी के इलाज के लिए गए थे.

दूसरी तरफ ठाकुर धीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि अगर वे लोग कंबल बांट रहे हैं. गांव में जाकर मीटिंग कर रहे हैं तो खबर देना तो हमारी मजबूरी है. अगर कोई कुछ कर रहा है तो हम उसे कवरेज दे रहे हैं इसमें बुराई क्‍या है. और रही स्‍कूटर की बात तो हम अपना पुराना स्‍कूटर बेचकर एक्‍सचेंज ऑफर में नया स्‍कूटर लिए हैं. इस पर भी आरोप लग रहा है. आरोप लगाने वाले साबित कर सकते हैं कि इसे मैंने नहीं लिया किसी और ने दिया है. आप काम करते हैं तो इस तरह के आरोप लगते रहते हैं.

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