चेक बाउंस के पुराने मामले में गोपाल कांडा को मिली जमानत

 

दिल्ली की एक अदालत ने 14 वर्ष पुराने चेक बाउंस के एक मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं हरियाणा न्‍यूज चैनल के मालिक गोपाल गोयल कांडा को जमानत दे दी. इस मामले में अदालत द्वारा जारी वारंटों को कांडा नजरअंदाज करता रहा है. अदालत के आदेश की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई. 1998 में गोपाल कांडा द्वारा जारी चार लाख रुपये का चेक बाउंस हो गया था. इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने गोपाल और उसके भाई गोविंद कांडा को कई बार समन और फिर वारंट जारी किया था लेकिन दोनों भाई कभी अदालत में पेश नहीं हुए.
 
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने 25,000 रुपये के वैयक्तिक मुचलके के साथ उतनी ही रकम की जमानत राशि पर गोपाल कांडा को जमानत दे दी. कांडा हालांकि अभी न्यायिक हिरासत में ही रहेगा. पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शहर की एक अन्य अदालत ने शुक्रवार को उसकी न्यायिक हिरासत अवधि दो नवम्बर तक बढ़ा दी. चेक बाउंस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 10 अक्टूबर को गोपाल कांडा के भाई एवं सह-आरोपी गोविंद कांडा की अंतरिम जमानत 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी. उसे 10 सितम्बर को 10,000 रुपये के वैयक्तिक मुचलके और उतनी ही रकम की जमानत राशि पर अंतरिम जमानत दी गई थी. 
 
इसी बीच, गीतिका आत्महत्या मामले की सुनवाई कर रही रोहिणी अदालत परिसर स्थित दंडाधिकारी की अदालत ने शुक्रवार को गोपाल कांडा और उसकी कम्पनी में कर्मचारी अरुणा चड्ढा की न्यायिक हिरासत दो नवम्बर तक बढ़ा दी. गीतिका ने चार-पांच अगस्त की रात उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. अपने सुसाइड नोट में उसने कांडा पर प्रताड़ना तथा आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया था. आरोप लगने पर कांडा को हरियाणा के गृह राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अपराध में भाई का साथ देने और गिरफ्तारी से बचाने के आरोप में गोविंद कांडा को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन दिल्ली की एक अन्य अदालत ने उसी दिन उसे जमानत दे दी थी. (आजतक)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *