जांच से बौखलाए हिंदुस्‍तान तथा जागरण ने नीतीश कुमार की खबरों को पहले पेज से उतारा

मुंगेर। पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश के 17 दिसंबर, 2013 के ऐतिहासिक अदेश के आलोक में विश्वस्तरीय 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला में बिहार की मुंगेर पुलिस की कार्रवाई तेज होने के बाद आर्थिक अपराध में लिप्त दैनिक हिन्दुस्तान का प्रबंधन और संपादकीय टीम ने बिहार राज्य में विकास के नारा को अमलीजामा पहनाने वाले ईमानदार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आंख तरेरना शुरू कर दिया है।

नामजद अभियुक्तों ने साजिश के तहत बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार के प्रतिदिन की खबरों को राज्य के जिलावार अवैध संस्करणों के प्रथम पृष्ठ से करीब-करीब हटा दिया है। मुख्यमंत्री के समाचार-कवरेज के मामले में दैनिक जागरण प्रबंधन भी दैनिक हिन्दुस्तान की तर्ज पर काम कर रहा है। दैनिक जागरण ने भी मुख्यमंत्री के कवरेज को प्रथम पृष्ठ पर प्राथमिकता देना बन्द कर दिया है। बताते चलें कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिला स्थित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में दैनिक जागरण के सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा से जुड़ा विश्वस्तरीय मुकदमा विचाराधीन है।

09 फरवरी, 13 को मुंगेर संस्करण में हिन्दी दैनिक ‘प्रभात-खबर‘ ने अपने प्रथम पृष्ठ पर दो कालम में ‘लोक सेवकों के चयन पर बोले नीतीश‘ शीर्षक से मुख्यमंत्री की खबर छपी है। जबकि 09 फरवरी, 13 के मुंगेर संस्करण में दैनिक हिन्दुस्तान में प्रथम पृष्ठ पर मुख्यमंत्री की खबर गायब है। सरकार को छलने के लिए दैनिक हिन्दुस्तान ने मुंगेर संस्करण के पृष्ठ – 02 पर मात्र दो कालम में लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के सम्मेलन का मात्र फोटो मुख्यमंत्री के भाषण करते हुए प्रकाशित किया है। संबंधित समाचार गायब है।

09 फरवरी, 13 के मुंगेर संस्करण में दैनिक जागरण में लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के सम्मेलन से जुड़ा समाचार ही पूरा गायब है। प्रथम पृष्ठ पर सिंगल कालम में गया की खबर छोटे फोटो के साथ छपी है जिसमें मुख्यमंत्री श्रीलंका के राष्‍ट्रपति को महाबोधि मंदिर का प्रतीक चिन्ह भेंट कर रहे हैं। दैनिक जागरण ने श्रीलंका के राष्‍ट्रपति और मुख्यमंत्री की खबर को छापकर केवल औपचारिकता मात्र पूरा की है, ऐसा स्वतंत्र राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है।
 
दैनिक अखबारों के अवैध संस्करण और सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा को न्यायालय के माध्यम से पूरी दुनिया के समख लाने में अहम भूमिका निभाने वाले 85 वर्षीय व्योवृद्ध पत्रकार, अधिवक्ता और आर0टी0आई0 ऐक्टिविस्ट काशी प्रसाद ने मुख्य मंत्री नीतीश कुमार से विगत सात दिनों के 38 जिलों के संस्करणों को पटना मंगाकर सूक्ष्मता से निरीक्षण करने का अनुरोध किया है। आर्थिक भ्रष्टाचार में लिप्त दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अन्य अखबार पटना में कुछ छाप रहा है और राजधानी के बाहर के 37 जिलों में कुछ और ही छाप रहा है। जांच और छानबीन सरकार का विषय है।

अखबार के मालिकों और संपादकों को क्यों गुस्सा आया है? न्यायालय के आदेश से दैनिक हिन्दुस्तान के लगभग दो सौ करोड़ के विज्ञापन फर्जीवाड़ा में पटना उच्च न्यायालय के आदेश से कोतवाली कांड संख्या-445/2011 में पुलिस अनुसंधान की गति ‘सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की गति की रफ्तार से इनदिनों चल रही है। पटना उच्च न्यायालय ने इस कांड में पुलिस अनुसंधान हर कीमत में तीन माह में पूरा करने का स्पष्ट आदेश दे दिया है। इस कांड में पुलिस अधीक्षक पी. कन्नन और पुलिस उपाधीक्षक एके पंचालर पहले ही अपनी-अपनी पर्यवेक्षण-टिप्पणियां समर्पित कर चुके हैं। उन्होंने अपनी पर्यवेक्षण-टिप्पणियों में अभियुक्तों के विरूद्ध लगाए सभी आरोपों को प्रथम दृष्टया ‘सत्य‘ घोषित कर दिया है। पुलिस के समक्ष अब नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने और उनके विरूद्ध न्यायालय में ‘आरोप-पत्र‘ समर्पित करने की काररवाई शेष रह गई है।

मुंगेर से श्रीकृष्‍ण प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नं. -09470400813 के जरिए किया जा सकता है.


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