जागरण में छपी बच्‍चे को बेचने की खबर ने पकड़ा तूल, मामला पुलिस के पास पहुंचा

रायबरेली में दैनिक जागरण द्वारा बच्‍चे को बेचे जाने को लेकर प्रकाशित की गई खबर के मामले ने तूल पकड़ लिया है. ऑल इंडियन मेडिकल ए‍सोसिएशन के विरोध के बाद अब इस मामला पुलिस तक पहुंच गया है, जिसके बाद एसपी राजेश पाण्‍डेय ने इसकी जांच सीओ सिटी को सौंपी है. खबर है कि दैनिक जागरण ने रायबरेली के डाक्‍टर संजय रस्‍तोगी, जो कृष्‍णा नर्सिंग होम का संचालन करते हैं, के बारे में लिखा कि इनके अस्‍पताल में पैदा हुआ बच्‍चा किसी थर्ड आदमी के पास पहुंच गया. 

बताया जा रहा है कि किसी कुंवारी लड़की को बच्‍चा पैदा हुआ था, जिसके बाद ये बच्‍चा उस परिवार की जगह किसी दूसरे के पास चला गया. इस जाने को लेकर जागरण ने खबर प्रकाशित की तथा बच्‍चा को बेचे जाने की बात कही गई. बस यही सं मामले ने तूल पकड़ लिया. डा. संजय रस्‍तोगी ने आरोप लगाया कि दैनिक जागरण के ब्‍यूरोचीफ आशुतोष अग्निहोत्री ने उनसे पांच लाख रुपये देने की मांग की. पैसे नहीं देने पर उन्‍होंने यह खबर प्रकाशित कर दी. इस खबर के बाद उनके साथ ऑल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के लोग भी खड़े हो गए हैं. 
 
मेडिकल ऐसोसिएशन के लोग एसपी के पास पहुंचकर पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं. इस संदर्भ में डा. संजय रस्‍तोगी का कहना है कि उनके यहां बच्‍चे का जन्‍म हुआ. सारी लिखा-पढ़ी होने के बाद हमने कार्रवाई की. अब हास्‍पीटल से जाने के बाद बच्‍चे का परिवार क्‍या करता है उससे चिकित्‍सालय या डाक्‍टर को क्‍या मतलब हो सकता है? दैनिक जागरण के लोग अति कर दिए हैं. ये लोग जबरदस्‍ती न्‍यूज बनाकर मुझे ब्‍लैकमेल करना चाहते थे. इसलिए इस तरह की  घटिया आरोप भी लगाया. डाक्‍टरों ने दैनिक जागरण का बायकाट कर दिया है. हम इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे. 
  
दूसरी तरफ इन आरोपों के संदर्भ में दैनिक जागरण के ब्‍यूरोचीफ आशुतोष अग्निहोत्री का कहना है कि ब्‍लैकमेलिंग का आरोप लगाना बहुत ही आसान है. हमने पूरे खबर को डीएम-एसपी तथा अपने वरिष्‍ठों को जानकारी देने के बाद कवर किया. अगर कोई बच्‍चा पैदा होता है तथा फर्स्‍ट पार्टी से होते हुए सेकेंड और थर्ड पार्टी के हाथों में पहुंच जाता है तो यह किसी भी पत्रकार के लिए खबर है. जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं वो सरासर गलत हैं, मैंने डाक्‍टर का पक्ष लेने के लिए फोन किया लेकिन उन्‍होंने फोन काट दिया. आप तीस सेकेंड की बातचीत में किसे ब्‍लैकमेल कर सकते हैं. अगर मैंने ब्‍लैकमेल करने की कोशिश की है तो इसकी लिखित शिकायत पुलिस को क्‍यों नहीं दे रहे हैं? 

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