Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

सुख-दुख...

जो पत्रकार ऐसे संकट की घड़ी में तटस्थ रहेगा, वो अपने दायित्व से बच रहा : ओम थानवी

Om Thanvi : पत्रकारिता में जब-तब निष्पक्षता या तटस्थता की सीख बहुत सुनने को मिलती है। निष्पक्षता का मतलब निष्क्रिय या बे-पेंदे ढुलमुल रहना नहीं हो सकता। कभी पक्ष रखना भी निष्पक्षता का ही एक रूप होता है, बशर्ते वह निस्स्वार्थ हो और न्याय के हक में हो। न्याय कानूनी अर्थों में नहीं, नैतिक अर्थों में।

Om Thanvi : पत्रकारिता में जब-तब निष्पक्षता या तटस्थता की सीख बहुत सुनने को मिलती है। निष्पक्षता का मतलब निष्क्रिय या बे-पेंदे ढुलमुल रहना नहीं हो सकता। कभी पक्ष रखना भी निष्पक्षता का ही एक रूप होता है, बशर्ते वह निस्स्वार्थ हो और न्याय के हक में हो। न्याय कानूनी अर्थों में नहीं, नैतिक अर्थों में।

ऐसे ही विरोध करना भी एक तरह की वाजिब पक्षधरता है। जैसे पहले कभी कहा था, आप पीटने वाले और पिटने वाले में दोनों के साथ नहीं हो सकते; ऐसी घड़ी में न्यायपूर्ण आचरण के लिए आपको अपना स्टैंड चुनना होगा। भले कोई कहे कि आप एक के पक्ष में या दूसरे के विरोध में खड़े हैं।

इमरजेंसी के आततायी दौर में जो लोग विरोध में बोले नहीं, बाद में पछताए। जिन्होंने स्टैंड लिया (जैसे कि इंडियन एक्सप्रेस ने), उन्हें उनसे भी मान मिला जो चुप थे। आज छिछली राजनीति सांप्रदायिकता और देशी-विदेशी बड़ी पूंजी के साथ कुटिल गठजोड़ का भयावह पैगाम लेकर मंडरा रही है। उससे भी बड़ी चुनौती है विकल्प की तलाश। विकल्पों को लेकर मुख्तलिफ राय हो सकती हैं। मगर पत्रकार, लेखक और अन्यथा मुखर बुद्धिजीवी अगर ऐसे संकट की घड़ी में भी "तटस्थ" रहते हैं, तो अपने दायित्व से बचते हैं। भले गाली अभी कुछ की झोली में पड़ रही हो, लेकिन जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी इतिहास। (अपराध जानबूझ नहीं लिख रहा।)

वरिष्ठ पत्रकार और जनसत्ता के संपादक ओम थानवी के फेसबुक वॉल से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...