Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

प्रिंट-टीवी...

तीन महीने से सैलरी नहीं मिली नेशनल दुनिया के कर्मचारियों को, संपादक जी गुजरात गए

आलोक मेहता के संपादकत्‍व में निकलने वाले नेशनल दुनिया से खबर है कि यहां काम करने वाले लोगों को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है. कर्मचारी बहुत परेशान हैं. मकर संक्रांति के बाद स्‍कूल खुलने वाले हैं और बच्‍चों के तीन महीने के फीस जमा करने हैं, लिहाजा बाल बच्‍चों वाले सभी पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारी परेशान हैं. उनके सब्र का बांध टूटता जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि तीन महीने बाद भी सैलरी न मिलने से परेशान डिजाइनिंग, ग्राफिक्‍स तथा मेट्रो एडिशन से जुड़े कम से कम पचास कर्मचारी गुरुवार को संपादक आलोक मेहता के केबिन में पहुंचे तथा पूछा कि उनकी सैलरी कब मिलेगी.

आलोक मेहता के संपादकत्‍व में निकलने वाले नेशनल दुनिया से खबर है कि यहां काम करने वाले लोगों को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है. कर्मचारी बहुत परेशान हैं. मकर संक्रांति के बाद स्‍कूल खुलने वाले हैं और बच्‍चों के तीन महीने के फीस जमा करने हैं, लिहाजा बाल बच्‍चों वाले सभी पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारी परेशान हैं. उनके सब्र का बांध टूटता जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि तीन महीने बाद भी सैलरी न मिलने से परेशान डिजाइनिंग, ग्राफिक्‍स तथा मेट्रो एडिशन से जुड़े कम से कम पचास कर्मचारी गुरुवार को संपादक आलोक मेहता के केबिन में पहुंचे तथा पूछा कि उनकी सैलरी कब मिलेगी.

जाहिर है कि कर्मचारियों ने कोई बवाल या लड़ाई झगड़े जैसी बात नहीं की, पर एक समूह के साथ जाकर उन्‍होंने आंशिक रूप से घेराव तो कर ही डाला. क्‍योंकि वे पूरे समूह के साथ संपादक जी की केबिन में घुसे थे और संपादक जी से जवाब चाहते थे. संपादक जी ने स्‍पष्‍ट कुछ नहीं कहा कि कब उनकी सैलरी मिलेगी, पर यह आश्‍वासन जरूर दिया कि बात करके कल बताता हूं. पर ताजा सूचना है कि संपादक जी अपने कर्मचारियों की परेशानियों में शामिल होने या सैलरी मिलने की तिथि बताने के बजाय गुजरात बाइब्रेंट के लिए निकल गए हैं. अमूमन इसमें ज्‍यादातर रिपोर्टर ही जाते हैं, पर परेशानियों से बचने के लिए संपादक जी खुद चले गए.

इधर, खबर है कि संपादक आलोक मेहता के इस रवैये से तमाम कर्मचारी बहुत नाराज हैं. उनका मानना है कि अपनी जिम्‍मेदारी निभाने के बजाय संपादक जी इस मुश्किल से बचना चाहते हैं. सूत्रों का कहना है कि नाराज कर्मचारी अब अखबार में हड़ताल करने की भी योजना तैयार कर रहे हैं. अब तक तो किसी तरह उन्‍होंने इधर-उधर से मांग कर अपना काम चलाया है, पर अब वे देनदारियां तथा बच्‍चों के स्‍कूल की फीस ने इन्‍हें काफी परेशान कर दिया है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...