दिल्ली में उपराज्यपाल ने की राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

दिल्ली में कांग्रेस ने जहां केजरीवाल की सारी शर्ते मान ली हैं वहीं दूसरी तरफ इतने दिनों से राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए उपराज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. राज्यपाल ने सबसे बड़े दल भाजपा तथा आप और कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद राष्ट्रपति को सौंपी अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रपति शासन का विकल्प सुझाया है. राज्यपाल के इस कदम से दिल्ली में सरकार बनाने के कदम को झटका लग सकता है.
 
भाजपा को पूर्ण बहुमत ना मिलने के कारण वह पहले ही सरकार बनाने से इंकार कर चुकी है. जबकि केजरीवाल ने राज्यपाल से मिलकर समय मांगा था. उसके बाद केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस को पत्र लिखकर 18 शर्तें रखी थी और कहा था कि इन सभी शर्तों पर अगर ये दोनों पार्टियां समर्थन देने को तैयार हों तो वह सरकार बनाएंगे. केजरीवाल के इस फैसले से दिल्ली में सरकार बनने की राह उलझ गई थी.
 
आज कांग्रेस ने केजरीवाल की सभी 18 शर्तें मान ली हैं. कांग्रेस ने कहा है कि केजरीवाल ने अनुभव की कमी के कारण ये शर्तें रखी थी क्यूंकि इनमें से 16 शर्तें तो ऐसी हैं जो कि प्रशासनिक हैं और इनके लिए विधानसभा या लोकसभा की जरूरत नहीं पड़ती. कांग्रेस ने कहा है कि वो बाकी दोनों शर्तों को भी मानने को तैयार है.

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