दैनिक जागरण विज्ञापन फर्जीवाड़ा : बिपिन मंडल ने दी गवाही, धोखाधड़ी पर सीजेएम सख्‍त

 

मुजफफरपुर (बिहार)। मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के न्यायालय में दैनिक जागरण अखबार के सरकारी विज्ञापन के करोड़ों-अरबों रुपए के फर्जीवाड़ा से जुड़े परिवाद-पत्र, जिसकी संख्या-2638/2012 है, में दूसरे प्रमुख गवाह मुंगेर के वरीय अधिवक्ता बिपिन कुमार मंडल ने 16 नवंबर, 12  को अपनी गवाही दी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अधिवक्ता बिपिन कुमार मंडल ने बताया कि नामजद कंपनी के चेयरमैन, निदेशक और संपादकों ने साजिश के तहत जालसाजी की। सभी नामजद व्यक्तियों ने मुजफ्फरपुर से प्रकाशित होने वाले दैनिक जागरण अखबार के प्रिंट लाइन में पटना से प्रकाशित दैनिक जागरण के रजिस्ट्रेशन नम्बर-बीआईएचएचआईएन/2000/3097 को 18 अप्रैल, 2005 से 28 जून, 2012 तक छापने काम किया। 29 जून, 2012 से सभी नामजद व्यक्तियों ने मुजफ्फरपुर के दैनिक जागरण प्रकाशन/संस्करण के प्रिंट लाइन में रजिस्ट्रेशन नम्बर के स्थान पर ‘‘आवेदित‘‘ छापना शुरू कर दिया। सभी नामजद व्यक्तियोंने यह जालसाजी सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से की।
 
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अधिवक्ता बिपिन कुमार मंडल ने आगे बयान किया कि -‘‘दैनिक जागरण विज्ञापन फर्जीवाड़ा में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, मुजफफरपुर, सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय, पटना, डी0ए0वी0पी0, नई दिल्ली और प्रेस रजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली की मिलीभगत है।‘‘ विश्व  के दूसरे सबसे बड़े सनसनीखेज दैनिक जागरण के करोड़ों के सरकरी विज्ञापन घोटाले के संबंध में बिहार के मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में रमन कुमार यादव, निवासी-पुस्तक भवन, सफी दाउदी मार्केट, मोती झील, थाना-मुजफ्फरपुर ने मेसर्स जागरण प्रकाशन लिमिटेड जागरण बिल्डिंग, 2, सर्वोदयनगर, कानपुर-208005 के चेयरमैन महेन्द्र मोहन गुप्ता सहित कुल सत्रह व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120 (बी0), 420, 471, 476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट, 1867 की धाराएं 8 (बी0), 12, 13, 14 और 15 के अन्तर्गत ‘‘परिवाद-पत्र‘‘ दायर किया है।
 
परिवादी ने न्यायालय से मुकदमा को तजबीज कर संज्ञान लेकर द्वितीय पक्षों के विरूद्ध सम्मन निर्गत करने या पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर देशव्यापी विज्ञापन घोटाले में गहरे अनुसंधान का आदेश देने की प्रार्थना की है। न्यायालय के आदेश पर परिवादी रमण कुमार यादव ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में शपथ पर अपना बयान दर्ज करा दिया है और परिवाद-पत्र में लगाए आरोपों का समर्थन किया है। प्रथम गवाह कंचन शर्मा, मुंगेर निवासी ने भी न्यायालय में अपने बयान में परिवाद-पत्र में वर्णित आरोपों का समर्थन किया है।
 
परिवाद-पत्र में मेसर्स जागरण प्रकाशन लिमिटेड के जिन लोगों के विरूद्ध ‘‘परिवाद-पत्र‘‘ दायर किया गया है, उनमें शामिल हैं–(1) चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक  महेन्द्र मोहन गुप्ता, (2)  सी0ई0ओ0 सह संपादक संजय गुप्ता, (3) पूर्णकालीक निदेशक धीरेन्द्र मोहन गुप्ता, (4) पूर्णकालीक निदेशक सह संपादक सुनील गुप्ता, (5) पूर्णकालीक निदेशक शैलेश गुप्ता, (6) स्वतंत्र निदेशक भारतजी अग्रवाल, (7) स्वतंत्र निदेशक किशोर वियानी, (8) स्वतंत्र निदेशक नरेश मोहन, (9) स्वतंत्र निदेशक आर0 के0 झुनझुनवाला, (10) स्वतंत्र निदेशक रशिद मिर्जा, (11) स्वतंत्र निदेशक शशिधर नारायण सिन्हा, (12) स्वतंत्र निदेशक  विजय टंडन, (13) स्वतंत्र निदेशक विक्रम बख्शी, (14) कंपनी सचिव अमित जयसवाल, (15) महाप्रबंधक और मुद्रक आनन्द त्रिपाठी, (16) वर्तमान स्थानीय संपादक, मुजफ्फरपुर देवेन्द्र राय और (17) संपादक शैलेन्द्र दीक्षित।
 
 मुजफ्फरपुर से वरिष्‍ठ पत्रकार काशी प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नम्बर- 09431611060 के जरिए किया जा सकता है.


 
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