: आलोक मेहता के नजदीकी प्रबंधन के निशाने पर : नेशनल दुनिया में मेहतावादियों के लिए अब कोई जगह नहीं है. उनके खास लोगों का प्रबंधन लगातार फाइनल सेटेलमेंट करता जा रहा है. इसके साथ यह भी साबित हो गया कि इस अखबार से आलोक मेहता का दौर खतम हो चुका है. अखबार से आलोक मेहता के नजदीकी माने जाने वाले छह लोगों का बोरिया बिस्तर बांध दिया गया है. ठीक उसी तरह जैसे पिछले साल फरवरी में नईदुनिया से आलोक मेहता ने छंटनी की थी.
प्रबंधन ने स्वास्थ्य संपादक धनंजय, मेट्रो एडिटर रहे रास बिहारी, अशोक किंकर, मनमोहन लोहानी, कोलाकाता से दीपक रस्तोगी तथा पटना से राघवेंद्र को हटा दिया है. इन लोगों का हिसाब-किताब फाइनल कर दिया गया है. ये लोग आलोक मेहता के नजदीकी माने जाते थे तथा नईदुनिया और नेशनल दुनिया दोनों की लांचिंग टीम में उनके साथ थे. इसके अलावा खबर आ रही है कि लखनऊ से योगेश मिश्रा ने खुद नेशनल दुनिया में काम करने से मना कर दिया है. उन्होंने आगे अखबार के साथ कांटीन्यू कर पाने में असमर्थता जता दी है. माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में मेहता के कुछ और नजदीकियों पर गाज गिरेगी.
इसमें सबसे आश्चर्य की बात यह है कि एडिटोरियल डाइरेक्टर आलोक मेहता सारा दायित्व छीने जाने तथा अपने लोगों को हटाए जाने के बाद भी नेशनल दुनिया के साथ जमे हुए हैं. अपने लोगों के हटाए जाने का विरोध भी नहीं कर रहे हैं. अमूमन इस तरह की स्थितियों में पड़ने वाले बड़े पत्रकार इसे अपनी बेइज्जती तथा जाने का संकेत मानते हुए इस्तीफा दे देते हैं, परन्तु मेहता जी एवं विनोद अग्निहोत्री को पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा की याद अब तक नहीं आई है.