पत्रकारों के नाम सीएम बहुगुणाजी की चिट्ठी… कितनी सच्ची, कितनी झूठी….

देहरादून : नए साल में हर साल मुख्यमंत्री का बधाई सन्देश लिखा कार्ड डाक से आता है. इस बार कार्ड नहीं, एक पत्र आया है. बहुगुणा जी का. हमारे को बधाई दी गयी है. मेरा दावा है ये बधाई सन्देश मुख्यमंत्री ने नहीं भेजा. बहुगुणा जी को ये तक नहीं पता कि राज्य में कौन पत्रकार हैं? किस चैनल में हैं? कौन रिपोर्टर हैं?

ये चमचागिरी की चिठ्ठी होती है जो कि हर जिले में सूचना विभाग खुद ही पत्रकारों के पते लिख कर पोस्ट कर देता है. पत्रकार खुश हो जाता है कि मुख्यमंत्री ने नए साल में मुबारकबाद भेजी है. कुछ पत्रकार तो फ्रेम करवाकर इस पत्र को दीवार पर टांग भी देते हैं. कभी कभी तो जिला सूचना विभाग से पत्रकार का नाम भी, कार्ड या चिठ्ठी के ऊपर लिख दिया जाता है, हुबहू मुख्यमंत्री के स्कैन हस्ताक्षर करे रंग से. कब बदलेगी ये झूठ मूठ की परम्परा. दुनिया आगे गयी पर ये नहीं सुधरे. एसएमएस, मेल के ज़माने में भी आप पत्रकारों को सरेआम उल्लू बना रहे है. और हाँ, हम भी तो उल्लू बन रहे हैं. आप खुद देखें चिठ्ठी का नमूना.

बहुगुणा जी जरा कुछ तो सुधार करो. सूचना विभाग आपके पास है. जरा भरोसा तो जगाओ. या ऐसे ही झूठ चलता रहेगा. मेरा इरादा दिल दुखाने का नहीं है, बल्कि सच जाहिर करने का है कि क्या आपके संज्ञान में है कि आपके हस्ताक्षर से बिना तिथि के पत्रक पर ये बधाई सन्देश जारी किये गए हैं? क्या इसकी कोई सूची तैयार हुई? क्या पत्र में कोई पत्रांक संख्या दर्ज हुई? अगर नहीं तो इसका दोषी कौन है? आप खुद जज रहे हैं, फैसला कर लें. बहरहाल बहुगुणा जी को नव वर्ष मंगल मय हो।।

उत्तराखंड के पत्रकार दिनेश मानसेरा का विश्लेषण.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *