पत्रकार विनय डेविड को रिवाल्‍वर से धमकाकर फिरौती मांगी

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी में आजकल खुलेआम फिरौती, अड़ीबाजी का खेल चल रहा है। शहर के गुण्डे, बदमाशों ने बिल्डरों के साथ मिलकर अड़ीबाजी का खेल खेल रहे हैं। मामला तब उठा जब गोयल बिल्डर्स ने अपने तयशुदा गुण्डों के साथ विनय डेविड पत्रकार के ‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ कार्यालय में घुसकर विनय डेविड को रिवाल्वर अड़ाकर फिरौती के जबरिया 15 लाख रूपये मांगे व नहीं देने पर जान से मार देने की धमकियां दी, लगातार कई बार अपने गुण्डों से रिवाल्वर की नोक पर धमकाया जा रहा है।

आरोपियों की ये सारी हरकते आफिस में लगे विडियो कैमरे में कैद हो गई। रिकार्डिंग सहित शिकायत थाना एम.पी.नगर में की गई जिस पर गम्भीरता से लेते हुए एम.पी.नगर के सी.एस.सी. श्री अरविन्द खरे ने पूरी वीडियो फूटेज देखकर थाने एम.पी. नगर में मामला दर्ज करने के निर्देश दिये। जिस पर पुलिस थाना एम.पी. नगर में धारा 387, 492, 294, 506 एवं 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है मामला : 2007 में ओमवती गोयल फर्म गोयल बिल्डर्स से एक फ्लैट खरीदा गया था जिसकी कीमत सात लाख थी, बिल्डर अशोक गोयल को काफी रकम चुकाने के बाद करीब दो लाख रुपये शेष रह गये थे जिसके एवज में अशोक गोयल जबरिया 10 लाख और तय किया गया गुण्डा द्वारा फिरौती 5 लाख रुपये की मांग की गई और यह मांगे बकायदा अशोक गोयल और शाहिद खान के अन्य लोगों द्वारा रिवाल्वर अड़ाकर डरा धमका कर मांगी गई।

पुलिस ने दिखाई तत्परता : थाना एम.पी.नगर में जब 23 दिसम्बर 2012 को जानकारी दी गई तो थाना एम.पी.नगर के प्रभारी ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई को अंजाम दिया और गम्भीर मामले की जांच श्री संतोष द्विवेदी को सौंपी गई। फरार आरोपियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया और फिरौती अड़ीबाजी के षडय़ंत्र में शामिल चार आरोपियों अंचित गोयल, दिनेश राज, राकेश चदोले, संतोष जादोन को गिरफ्तार कर लिया और 31 दिसम्बर 2012 को भोपाल सी.जी.एम. श्री सोनकर जी की कोर्ट में विभिन्न धाराओं के तहत पेश कर दिया। आरोपियों द्वारा किये गये गंभीर अपराध के खिलाफ पत्रकार विनय डेविड एवं उनके अधिवक्ता यावर खान द्वारा लिखित और मौखिक आपत्ति लगाई गई, परन्तु न्यायालय ने अपराध गंभीरता से ना लेकर इन चारों खूंखार आरोपियों की जमानत दे दी जबकि मुख्य आरोपी खुलेआम रिवाल्वर लिये घूम रहे हैं।

अशोक गोयल की दो बार अग्रिम जमानत खारिज : जबरिया वसूली अड़ीबाजी डराने धमकाने का प्रमुख आरोपी अशोक गोयल लगातार भोपाल पुलिस को चकमा दे रहा है, कभी रायपुर तो कभी भोपाल के कुछ ठिकानों से पुलिस को गुमराह कर रहा है। वहीं मौके का फायदा उठाकर न्यायालय में दो बार अग्रिम जमानत पाने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस द्वारा गंभीर अपराध होने और आरोपियों की गिरफ्तारी आवश्यक बताये जाने पर न्यायालय ने दोनों बार अग्रिम जमानत खारिज कर दी।

हाईकोर्ट से जमानत की जुगाड़ में अशोक गोयल : अशोक गोयल पुलिस को बार बार चकमा जरूर दे रहा है परन्तु कानून को ज्यादा देर तक गुमराह नहीं कर पायेगा। पुलिस लगातार उसे तलाश कर रही है। मोबाइल भी गोयल ने बन्द कर रखा है परन्तु वो अभी कुछ खास सरोकारियों से सम्पर्क बनाये हुए है और भोपाल के कुछ ठिकानों से अपना व्यवसाय नियमित चला रहा है। दो बार भोपाल न्यायालय से जमानत नामंजूर होने और चार आरोपियों को जमानत मिल जाने के बाद वो हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पाने की जुगाड़ में लगा है। अब देखना है कि आखिर किस दांव के सहारे वो जमानत पा सकेगा।

केस वापसी की धमकी : अशोक गोयल और शाहिद खान फरार जरूर हैं परन्तु उनके हौसले आसमान को छू रहे हैं। वो लगातार अपने गुण्डे अपराधी तत्वों द्वारा चमका धमका रहे हैं कि किसी भी तरह से केस वापस हो जाय। केस वापसी के लिये भी 31 दिसम्बर को 11:30 पर विनय डेविड की पत्नी को चार रिवाल्वर धारियों ने घर में घुस कर जान से मारने और बच्चों को उठा लेने की धमकी दी और फरार हो गये, जिसकी शिकायत भी क्षेत्रीय थाने में की गई जिस पर पुलिस ने जांच परखकर अपराध कायम कर लिया है।

1100 रुपये का ईनाम :  मामला 22 दिसम्बर 2012 का है अपराध 23 दिसम्बर 2012 को कायम किया गया। अपराध गंभीर होने के बाद आरोपियों की 15 दिनों बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से प्रदेश कि पत्रकारों में आक्रोश है, क्योंकि विनय डेविड ‘‘ऑल इण्डिया स्मॉल न्यूज पेपर्स ऐशोसिएशन ‘‘आइसना’’ के प्रदेश महासचिव एवं ‘‘टाइम्स ऑफ क्राइम’’ के सम्पादक हैं और यह गंभीर अपराध को इनके कार्यालय के अन्दर ही अंजाम दिया गया। पत्रकारों की आवाज पर श्री अवधेश भार्गव प्रदेशाध्यक्ष ‘‘आइसना’’ ने पत्रकारों और आमजनता से अपील की है कि इन आरोपियों को शीघ्र पकड़ा जाना चाहिये और जिनके पास इन आरोपियों की कोई जानकारी हो हमें बता दे साथ ही जानकारी देने वाले को 1100/- रुपये का नगद ईनाम देने की भी घोषणा की है।

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