पत्रकार से गाली-ग्‍लौज के मामले में विजयकांत के खिलाफ मामला दर्ज

 

चेन्नई : तमिलनाडु विधान सभा में विपक्ष के नेता एवं देसिय मुरपोक्कु द्रविड कषगम डीएमडीके के संस्थापक विजयकांत आज यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों के साथ उलझ पड़े जिसको लेकर  पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी है। हवाई अड्डा के सूत्रों ने बताया कि श्री विजयकांत पत्नी प्रेमलता और पार्टी विधायक ए.मुरगेशन के साथ जेट एयरवेज के विमान से मदुरै जाने के लिये हवाई अड्डा पहुंचे थे। वह जैसे ही कार से उतरे पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया और उनकी पार्टी के दो असंतुष्ट विधायकों की मुख्यमंत्री जे जयललिता से मुलाकात के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही। 
 
इसके बाद एक पत्रकार ने श्री विजकांत का हाथ खींच लिया और प्रतिक्रिया देने को कहा। इस पर श्री विजयकांत तमतमा गये और दोनों पक्षों में नोकझोक हो गयी। इसके बाद बडी मुश्किल से श्री विजयकांत पत्रकारों से बातचीत के लिये तैयार हुये। सूत्रों के अनुसार जब श्री विजयकांत से उनके विधायकों की सुश्री जयललिता से मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इससे कहीं अधिक डेंगू का प्रकोप एवं अघोषित बिजली कटौती समेत राज्य के कई ऐसे ज्वलंत मुद्दे हैं जिनके बारे में चर्चा होनी चाहिये।
 
सूत्रों के अनुसार इसके बाद श्री विजयकांत हवाई अड्डे की तरफ बढ़ने लगे तो उनके साथ वह पत्रकार भी चलने लगा जिसके साथ उनकी झड़प हुयी थी। पत्रकार ने श्री विजयकांत से कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र रिशिवनधियम में भी अघोषित बिजली कटौती होती है। इस पर श्री विजयकांत खासा नाराज हो गये और उन्होंने कडक स्वर में पूछा कि पत्रकार किस मीडिया का प्रतिनिधित्व करता है। जब पत्रकार ने कोई जवाब नहीं दिया तो उन्होंने कहा, आप जया के टेलीविजन चैनल से होंगे। 
 
इसके बाद दोनों पक्षों में जोरदार बहस छिड़ गयी और इस बीच श्री मुरगेशन ने पत्रकार को धक्का भी दिया और उसे मारने की कोशिश की। माना जा रहा है कि श्री विजयकांत ने भी पत्रकार के साथ गाली-गलौज की। दोनों पक्षों में तीखी बहस के बीच श्री मुरुगेशन एवं श्री विजकांत ने पत्रप कार को गालियां देने शुर कर दी। किसी प्रकार श्री विजयकांत को लांज की तरफ ले जाया गया और फिरवह मदुरै के लिये रवाना हो गये। इस बीच पत्रकार ने इस संबंध में हवाई अड्डा पुलिस में शिकायत दर्ज करायी। चेन्नई प्रेस क्लब एवं चेन्नई पत्रकार संघ समेत राज्य के मीडियाकर्मियों के विभिन्न समूहों ने इस घटना की निन्‍दा करते हुये श्री विजयकांत और श्री मुरगेशन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने इसे  प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। (पंजाब केसरी)

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