फर्जीवाड़ा के जरिए झांसी से प्रकाशित सदा-ए-नबी वसूल रहा लाखों का सरकारी विज्ञापन

झांसी। झांसी से प्रकाशित सदा-ए-नबी के प्रकाशक द्वारा अखबार निकालने में जमकर गड़बड़ी की गई है। इस अखबार की स्वयं की प्रिटिंग प्रेस भी न होने के बाद भी इसका प्रकाशन झांसी से हो रहा है। जबकि सबसे मुख्य बात यह है कि यह अखबार लखनऊ की एक निजी प्रिटिंग प्रेस से छपाकर झांसी आ रहा है मात्र 10 प्रतियों में। यह अखबार न तो किसी विभाग में जाता है और ना ही किसी पाठक के पास। जिलाधिकारी, कमिश्‍नर या अन्य विभागों में इस अखबार के बारे में पूछा जाए तो इस अखबार का कोई वजूद नहीं है। मात्र सूचना विभाग झांसी में जाता है। इस चारसौबीसी के दम पर इस अखबार मालिक ने डीएवीपी मान्यता भी हासिल कर ली है, जिससे सरकार को चूना लगाकर लाखों रुपए प्रतिमाह के विज्ञापन ले रहा है, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

इस अखबार के मालिक का नाम इनायत सिद्दीकी है। अखबार के प्रकाषन में झांसी कार्यालय का पता 1400 बालाजीपुरम नंदनपुरा थाना सीपरी बाजार दर्शाया है, जबकि पता नगर निगम झांसी के दस्तावेजों में दर्ज नहीं है। वहीं इस अखबार की प्रिंट लाईन 333 कुम्हार का हाता सैययर गेट थाना शहर कोतवाली दर्शाया गया है। जबकि इस पते पर कोई भी प्रिटिंग प्रेस है ही नहीं। बताते चलें कि दैनिक अखबार की मान्यता से पहले एलआईयू जांच होती है। इस दैनिक उर्द सदा-ए-नबी अखबार की जांच भी एलआईयू झांसी द्वारा की गई थी जहां जांच में इसको क्लीन चिट दे दी गई। अगर जांच ठीक तरह से होती तो शायद पकड़ में आ जाता और अखबार प्रकाशन से लेकर मान्यता प्रक्रिया तक जो फर्जी मापदंड अपनाए गए उनका खुलासा हो जाता।

इस मामले को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे झांसी सूचना विभाग उसे लेनदेन कर सांठगांठ किए हुए है। यह एक बड़ा जांच का विषय है। इसमें एक बड़ा फर्जीवाड़ा यह भी सामने आया है कि प्रकाशक द्वारा प्रस्तुत सीए प्रमाण पत्र में सीए वीके अग्रवाल के हस्ताक्षर व मोहर अंकित है, परन्तु इसी सीए प्रमाण पत्र के आखिरी में बायीं तरफ तारीख 28-05-2011 है, लेकिन उसके नीचे स्थान में झांसी की जगह लखनऊ लिखा दर्शाया गया है जो पूरी तरह फर्जी है। इस फर्जी गोरखधंधे की शिकायत कुछ लोगों ने निदेशक डीएवीपी, नई दिल्‍ली और निदेशक आरएनआई, नई दिल्‍ली व निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, लखनऊ से की है. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *