मजबूरी में दैनिक जागरण को बदलनी पड़ी समीर-सुधीर वाली खबर!

अपनी सुविधानुसार पत्रकारिता करने के लिए कुख्‍यात दैनिक जागरण ने सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की गिरफ्तारी की खबर में भी अपनी तरफ से पूरा खेल करने की कोशिश की. खबर को खबर के तरीके से नहीं बल्कि इस तरीके से लगाया गया कि यह खबर छूटे भी नहीं और आरोपियों के नामों तथा उनके चैनल के नाम का खुलासा भी ना हो, पर जागरण की कुटिल चाल अन्‍य वेबसाइटों और दूसरे माध्‍यमों के चलते सफल नहीं हो सकी. मजबूरन उसे भी फिर अपने खबर में बदलाव करना पड़ा. 

 
शायद इस खबर को लिखने में जागरण को डर हो कि पेड न्‍यूज और ब्‍लैकमेलिंग की पत्रकारिता उनके लोग भी करते हैं कभी इस तरह की स्थिति आई तो ये लोग भी अखबार तथा पत्रकारों का नाम लिखने से परहेज करेंगे. पर बुरा हो न्‍यू मीडिया का जिसने बड़ी तेजी से इस सूचना को हर जगह प्रसारित कर दिया. अन्‍य मामलों में तानकर खबर लिखने वाला जागरण पहले वाले खबर को मात्र कुछ लाइनों में ही निपटा दिया. हेडि़ग में भी नवीन की जगह नीवन लिखा गया. अब यह गलती थी या जानबूझ कर लिखा गया था, ये तो यही लोग बता पाएंगे, पर बाद में अन्‍य जगहों पर खबर आने के बाद मजबूरन में जो बड़ी खबर लिखी गई, उसमें भी आरोपियों का पक्ष लेना अखबार नहीं भूला.
 
हालांकि आरोपी पत्रकार का पक्ष लेना पत्रकारिता के लिहाज से सही भी है, पर इस अखबार का दोहरा चरित्र भी दिखाती है यह खबर. इस तरह की अन्‍य खबरों में यह अखबार आरोपियों का पक्ष न लेता है और ना ही लिखता है, बस पुलिस ने जो कहानी बता दी अखबार उसे छाप देता है पर इस मामले में पत्रकारिता का पूरा ख्‍याल रखा गया. यानी दैनिक जागरण ऐसा अखबार है जो अखबार को पत्रकारिता के हिसाब से नहीं बल्कि अपनी सुविधा और सहूलियत, लाभ और हानि, दोस्‍ती और दुश्‍मनी के आधार पर प्रकाशित करता है. आप भी नीचे देखिए पहली खबर उसके बाद दूसरी खबर.  


 

नीवन जिंदल मामले में दो पत्रकार गिरफ्तार 
 
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल को ब्लैकमेल करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक समाचार चेनल के दो पत्रकारों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। नवीन जिंदल ने दोनों पर आरोप लगाया था कि ये एक खबर को रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे। हालांकि समाचर चैनल का कहना था कि उन्होंने खुद संपर्क किया था तथा रुपये की पेशकश की थी। (जागरण)




 

 

वसूली के आरोप में जी न्यूज के दो वरिष्ठ पत्रकार गिरफ्तार, पेशी आज

 
नई दिल्ली। कोयला घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट नहीं प्रसारित करने के लिए कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल से 100 करोड़ रुपये मांगने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार को जी न्यूज चैनल के दो वरिष्ठ पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। नवीन जिंदल की कंपनी ने पत्रकारों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके 45 दिनों बाद यह कार्रवाई हुई है। बुधवार को इन दोनों वरिष्ठ पत्रकारों की पेशी होगी।
 
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जी न्यूज के प्रमुख सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के प्रमुख समीर अहलूवालिया को गिरफ्तार किया गया है। नवीन जिंदल ने पिछले महीने एक सीडी जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर जी न्यूज के पत्रकार जिंदल ग्रुप के अधिकारियों से यह सौदा करने की कोशिश कर रहे थे कि रुपये देने पर उनका चैनल जिंदल ग्रुप के बारे में नकारात्मक स्टोरी प्रसारित नहीं करेगा।
 
सुधीर चौधरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि यह आरोप साजिशन लगाया जा रहा है। यह दबाव बनाने की रणनीति है ताकि चैनल को इस तरह की रिपोर्ट प्रसारित करने से रोका जा सके। चौधरी का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों केआधार पर कोयला घोटाले से संबंधित हमने ऐसी रिपोर्ट की सीरीज चलाई थी। यह हमारे भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान पर प्रतिक्रिया है।
 
जिंदल ने दावा किया था कि जी न्यूज के अधिकारियों ने पहले चार साल तक रिपोर्ट न दिखाने के लिए 20 करोड़ रुपये मांगे थे, बाद में उन्होंने इसे बढ़ाकर 100 करोड़ कर दिया। गौरतलब है कि कोयला घोटाले से संबंधित कैग की रिपोर्ट लाभ लेने वाली कंपनियों में जिंदल ग्रुप का भी नाम है। (जागरण)


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