यूपी पुलिस का हाल – अपहरण किया, खूब पीटा, जुर्म साबित न हुआ तो घर के बाहर पटक गए

यूपी पुलिस किस तरह अपना काम करती है, इसे बताने की जरूरत नहीं. अक्सर इनकी क्रूर, बर्बर, असभ्य और अमानवीय तस्वीर सामने आती रहती है. ताजा मामला आगरा का है. कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाते हैं जिससे आगरा पुलिस की बर्बरता साफ नजर आती है….पुलिस ने एक युवक को इतनी बर्बरता से पीटा जिसे देख आपकी रूह कांप जाये… पुलिस इस युवक को चोरी के मामले में पकड़ लायी थी …

मामला आगरा के थाना सदर क्षेत्र का है जहाँ मुस्तफा क्वाटर में  रहने वाले जंगबहादुर के घर पर 14 सितम्बर की रात कुछ पुलिसकर्मी अपने एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ घर में  घुस आते हैं और  जंगबहादुर के 24 वर्षीय बेटे श्रीकांत यादव पर चोरी का आरोप बताकर उसे घर से ले जाते हैं ….इस बीच जब घरवालों ने उनको रोकना चाहा और पूछना चाहा कि किस जुर्म में उनके बेटे को ले जा रहे हैं तो उनके साथ भी मारपीट की गयी ….

परिजनों कहना था कि पुलिसकर्मियों के साथ उनके अधिकारी एएसपी दिनेश कुमार भी थे ….   पुलिस उनके बेटे को ले गयी  और पूरी रात पूछताछ के नाम पर उसे करंट व लाठी डंडों से मारपीट करती रही … जब श्रीकांत पर जुर्म साबित नहीं हुआ तो दूसरे दिन उसे घर के बहार पटक गए और धमकी भी दी  कि किसी को भी शिकायत की तो किसी भी अपराध में फंसा  कर जेल भेज देंगे ….. यह सुनकर उस समय तो परिजन शांत हो गए लेकिन जब बेटे श्रीकांत यादव की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने न्याय की मांग की और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया … जिस पर अब कोर्ट ने ए.एस.पी दिनेश कुमार, सिपाही महेश कुमार, सिपाही लोकेन्द्र, दरोगा जसपाल पवार के खिलाप थाना सदर को मुक़दमे के आदेश दिए और थाना सदर में इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 326,395 के तहत मुकद्दमा भी दर्ज हो गया ……..

श्रीकान्त के परिजनों की मानें तो उस घटना के बाद से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है …. इस घटना के बाद कोई भी दोषी पुलिसकर्मी मीडिया के सामने नहीं आ रहा है वहीं दूसरी ओर पीड़ित और उसके परिजनों पर लगातार राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है…. लेकिन पीड़ित परिवार अब सिर्फ न्याय की बात कह रहा है……  जब इस मामले में आईजी जोन आगरा भवेश कुमार से बात की गयी  उन्होंने जांच के बाद उचित कार्यवाही की बात कही…

श्रीकांत यादव, पीड़ित का बयान- सितम्बर की रात को कुछ पुलिस कर्मी दिनेश कुमार ए .एस .पी के साथ आये थे एस .ओ .जी कर्मी भी था उनके साथ उन्होंने किवाड़ में लात मारी और हमें घर से उठाकर ले गए थे… करेंट लगाया, काफी मार-पीट की थी जिसकी सुचना हमारे पिताजी द्वारा मुख्यमंत्री आयोग न्यायालय में दी गई थी ….थाने में गए हम… मुकद्दमा लिखा नहीं गया था… …..दिनेश कुमार बोलते हैं एक डेढ़ लाख रूपए जो चाहिए ले लो, जो तुम्हारा खर्च हो गया है, वो हम तुम्हे दे देंगे, तुम जो करना है कर लो, इसमें राजीनामा होगा….. न्याय नहीं हुआ तो हम आत्महत्या कर लेंगे….

जंग बहादुर यादव, पीड़ित का पिता – मेरे बच्चे को बदमाश के नाम से उठा कर ले गए… उसको इतना मारा -पीटा जिससे बेहाल हो गया… मैंने सभी जगह खबर की… फैक्स दिए.. टेलीग्राम मुख्यमंत्री को भी भेजा… मानवाधिकार को भी भेजा.. मुझे कहीं से कुछ न्याय नहीं मिला …अब वो दबाव डाल रहे हैं.. सदर थाने की पुलिस आती है … रोज आये दिन आते हैं… दबाव डालते हैं… राजीनामा कर लो. तुम कुछ नहीं कर पाओगे …

आगरा से पंकज गुप्ता की रिपोर्ट.

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