रायबरेली के डीएम और अफसरों ने बसपा नेताओं संग लगाए ठुमके

: बीडीओ, डॉक्‍टर, एसओ समेत कई से हुई आयोजन के लिए उगाही : पत्रकारों की पिटाई करने वाले पुलिसवाले भी जमकर नाचे : रायबरेली : बीते साल को विदा करने के लिए डीएम साहेब ने जश्‍न मनाया। जिले भर के आला अफसरों के साथ छुटभैया अफसरों को न्‍यौता दिया गया। लेकिन शर्त यह कि आयोजन में वे अपना आर्थिक सहयोग पहले ही पहुंचा दें। लखनऊ के एक बड़े आर्केस्‍ट्रा को बुलाया गया। झमाझम आयोजन हुआ, आर्केस्‍ट्रा की सुरीली आवाज वाली नाजनीनों ने मेहमानों का दिल खुश किया और बेहतरीन दावत उड़ायी गयी। लेकिन इससे पहले डीएम साहेब ने कई बसपाई नेताओं के साथ मौज मनाते हुए उनके साथ ठुमके लगाये। खास बात यह कि डीएम साहेब ने इस आयोजन में बसपा के अलावा किसी दूसरी पार्टी अथवा जनसंगठन, ट्रेड यूनियन के नेताओं को पूरी तरह परहेज किया।

मामला है रायबरेली का। रायबरेली बोले तो तदर्थ जिला, ऐसा जिला पूरी तरह तदर्थ व्‍यवस्‍था पर न जाने कैसे चल रहा है। यहां पिछले तीन महीने से जिलाधिकारी छुट्टी पर गये हैं, और उनका कार्यभार सीडीओ सम्‍भाले हैं। आयोजन के ठीक 10 पहले ही यहां के जिले भर के पत्रकारों को पुलिस अधीक्षक ने राष्‍ट्रीय मार्ग पर जमकर लाठियों से पीटा था। यह पत्रकार यहां एक पत्रकार के भतीजे की पुलिस पिटाई से नाराज थे। इसके बाद जिले में 55 से अधिकतर संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसी मसले को लेकर जिले की अदालतों में तो वकीलों की बेमियादी हड़ताल भी चल रही है। इतना ही नहीं, 26 दिसम्‍बर को फुटकर व्‍यापारी, डॉक्‍टर, थोक व्‍यापारी, अधिवक्‍ता, आटो चालक समेत दर्जनों जनसंगठनों ने अभूतपूर्व बंदी भी आयोजित की थी। पत्रकारों की पिटाई के विरोध में जिले भर के सारे राजनीतिक दलों के नेता जमकर निंदा कर चुके हैं। इन लोगों की इकलौती मांग है कि पुलिस अधीक्षक को तत्‍काल हटाया जाए। हालांकि बताते हैं कि जन-दबावों के चलते 4 दिन पहले पुलिस अधीक्षक को छुट्टी पर भेजा गया और तब से ही अपर पुलिस अधीक्षक ही एसपी का कार्यभार सम्‍भाल रहे हैं।

लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस अफसरों ने पत्रकारों और जन-संगठनों के जले पर नमक छिड़कते हुए एक नायाब आयोजन कर डाला। मिली खबरों के मुताबिक इस भव्‍य आयोजन के लिए सीएमओ, डॉक्‍टर, बीडीओ, एसओ समेत जिले भर के हर छोटे-बड़े अफसरों से अंशदान के नाम पर भारी उगाही की गयी। इसके बाद लखनऊ के एक बड़े आर्केस्‍ट्रा टीम को बुलाया गया। शाकाहारी-मांसाहारी भोजन की चकाचक व्‍यवस्‍था थी। इसी बीच आर्केस्‍ट्रा की गायिकाओं के गीतों में तदर्थ डीएम और तदर्थ एसपी समेत सारे अफसरों ने जमकर ठुमके लगाये। इतना ही नहीं, इस आयोजन में बसपा के दिग्‍गज स्‍वामीनाथ मौर्या और जगतपुर ब्‍लाक के प्रमुख बब्‍बन सिंह ने शिरकत की। बब्‍बन सिंह ने तो इन अफसरों के ठुमकों पर खूब ठुमका भी लगाया।

गौरतलब बात तो यह है कि प्रभारी डीएम साहेब खुद को प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के भानजे बताते हैं। लेकिन समाजवादी पार्टी के किसी भी विधायक या कार्यकर्ता को नहीं आमंत्रित किया। डीएम साहेब का हुक्‍म था कि इस आयोजन में किसी भी पत्रकार को किसी भी कीमत पर नहीं बुलाया जाए। इतना ही नहीं, पत्रकारों के समर्थन में खुल कर आये बड़े नेताओं और समाजसेवी को भी निमंत्रित नहीं किया गया। देर रात तक चले इस आयोजन में प्रभारी एसपी राहुल राज, एडीएम हरीप्रताप शाही, सिटी मैजिस्‍ट्रेट सुश्री चित्रलेखा सिंह, परियोजना निदेशक अनिल सिंह, वाणिज्‍य कर के सहायक आयुक्‍त सुरेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, डीडीओ राजीव बनकटा समेत जिले के सारे अफसर मौजूद रहे।

कुमार सौवीर
लेखक कुमार सौवीर यूपी के जाने माने और वरिष्ठ पत्रकार हैं. उनसे संपर्क kumarsauvir@yahoo.com या kumarsauvir@gmail.com या 09415302520 के जरिए किया जा सकता हैं.

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