रायबरेली में पत्रकारों का धरना पांचवें दिन भी जारी, पुलिस के खिलाफ आक्रोश

रायबरेली। पत्रकारों पर किये गये लाठीचार्ज के विरोध में शहीद चौक पर अनवरत जारी सांकेतिक धरने के पांचवें दिन भी सामाजिक संगठनों, राजनैतिक नेताओं व महिलाओं के समर्थन के बीच धरना जारी रहा। आज के धरने में सत्ताधारी पार्टी के नेता आरपी यादव के आश्‍वासन पर धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और उनके आश्‍वासन पर भरोसा किया। सपा नेता आरपी यादव ने पत्रकारों पर किए गये लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जो कुछ भी पत्रकारों के साथ हुआ वह कतई नहीं होना चाहिए था। जिन लोगों के द्वारा यह कृत्य किया गया है उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी से मिलकर करवाने का प्रयास करूंगा।

उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों के समर्थन में आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वार्ता कर मांगें पूरी करायी जाएंगी। उन्होंने विश्‍वास व्यक्त किया कि उम्मीद है कि रायबरेली एसपी को तत्काल इस जनपद से हटाया जाएगा। जो भी मुकदमे पुलिस के द्वारा दर्ज किये गये हैं वह सभी वापस होंगे। उन्होंने कहा कि रायबरेली शान्तिप्रिय जनपद है। प्रजातन्त्र में सबको अपनी बात कहने का पूरा हक हैं और पत्रकार सदैव प्रजातन्त्र कायम रखने में अहम भूमिका निभाता है। उसके मान सम्मान के लिए प्रदेश की सपा सरकार कटिबद्ध है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम पत्रकार बन्धुओं के मान सम्मान की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि पत्रकार बन्धु आश्‍वस्त रहें। रायबरेली जनपद में ऐसे किसी भी अधिकारी कर्मचारी को कतई रहने नहीं दिया जाएगा जो लोकतन्त्र के रक्षकों पर कुठाराघात नीति का उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि हमेशा सबको न्याय सबको सम्मान देने की रही है। किसी के मान सम्मान को ठेस न पहुंचे इसके लिए पूरी समाजवादी पार्टी तत्पर है।

पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि रायबरेली महापुरुषों की धरती है। आन्दोलनों का यहां लम्बा चौड़ा इतिहास रहा है, ज्यादती कतई सहन नहीं करती रायबरेली की जनता और वर्तमान पुलिस अधीक्षक ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर जो कृत्य किये हैं, वह निन्दनीय है। रायबरेली पुलिस पूरे जिले में निरंकुशता की हदें पार कर गई हैं। जिले में अपराधों का ग्राफ दिन प्रतिदिन मौसम की तरह बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में थानों की नीलामी होती है। क्षेत्र में जब अपराध बढ़ता है तो आम जनमानस आवाज अपनी शासन तक पहुंचाने के लिए लोकतान्त्रिक तरीके से आन्दोलनों का सहारा लेती है। ऐसे में आन्दोलनों को छिन्न भिन्न करने के लिए पुलिस हमेशा लाठी का ही सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने पुलिस बल का गठन ही स्वतन्त्रता संग्राम के आन्दोलनों को कुचलने के लिए 1860 में किया था। उसी तर्ज पर आज पुलिस भी कार्य कर रही है। दिल्ली हो या रायबरेली पुलिस का चेहरा बिल्कुल खौफनाक है।

इसी कड़ी में माकपा नेता एवं पूर्व प्राचार्य डा. राम बहादुर वर्मा ने कहा कि पुलिस आज आतंक का पर्याय बन चुकी है। जब तक इसकी मानसिकता को बदला नहीं जाता तब तक पुलिसिया अत्याचार पर विराम नहीं लग सकता। उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व पुलिस का जो चरित्र था वही चरित्र आज भी है। खाकी के अन्दर पहले गोरों का हुक्म चलता था अब काले अंग्रेजों का हुक्म वर्दी पूरा करती है। देश की सरकारें ही पुलिस को लाठी के जोर पर देश चलाने का हुनर सिखाती हैं। धरने में श्याम साधु (पशु एवं पर्यावरण सेवी), ममता शर्मा (अधिवक्ता एसोसिएशन रायबरेली), अमर सिंह पटेल (अपना दल), राजेन्द्र बहादुर सिंह (उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा), विजय लक्ष्मी द्विवेदी (एडवोकेट), सुनीता त्रिवेदी, आरपी यादव, लालता प्रसाद यादव (सपा नेता), शिव प्रसाद शर्मा (सहायक जिला महामंत्री माकपा), महामंत्री राजेश शर्मा, मनोज कुमार गुप्ता (उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल), भाजपा नेता रवि दीक्षित, राजेन्द्र निगम, शशि कुमार शुक्ला, भुवन पाण्डेय (पतंजलि योगपीठ), आलोक कुमार सिंह (अवध कम्प्यूटर सेन्टर), अतुल गुप्ता, महेन्द्र अग्रवाल, रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, अनिल सिंह, राजकुमार शुक्ल पूर्व सभासद, श्रीमती एलिजाबेथ एएनएम संघ, सुमित्रा देवी (कोषाध्यक्ष एएनएम संघ), सूरज शुक्ला (अध्यक्ष रायबरेली कोचिंग एसोसिएशन) आदि लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। सभी ने अपने सम्बोधन में रायबरेली पुलिस समेत लाठी चार्ज के दोषी पुलिस कर्मियों को दण्डित करने की मांग की।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल (मिश्रा गुट, रायबरेली) के जिलाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, पंकज मुरारका, अतुल गुप्ता, बसन्त सिंह बग्गा, कृष्ण गोपाल कसौंधन, केमिस्ट एसोसिएशन, विद्युत विभाग, कर्मचारी महासंघ, अधिवक्ता संघ, कोचिंग एसोसिएषन, स्वास्थ्य विभाग, कर्मचारी संघ, षिक्षक संघ आदि ने पत्रकारों पर किये गये निर्ममता पूर्वक लाठी चार्ज के विरोध में घोषणा की कि पत्रकारों को पूर्ण समर्थन देते हुए आगामी 27 दिसम्बर बृहस्पतिवार को शहर के सम्पूर्ण व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द रहेंगे व मंगलवार को व्यापारी सुचारू रूप से जारी रहेगा तथा कर्मचारी संघो द्वारा अपने अपने कार्यों से विरत रहेंगे। पूरी तरह से रायबरेली जनपद की समस्त सेवाएं बाधित रहेंगी। इस सम्बन्ध में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने लिखित रूप से धरना स्थल शहीद चौक पर मीडिया क्लब रायबरेली को अवगत कराया है।

पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर हमला : राजेंद्र चौधरी

रायबरेली। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने दूरभाष पर बताया कि पत्रकारों पर हमला लोकतन्त्र पर हमला है। चाहे वह दिल्ली में हो या रायबरेली दोषियों के विरूद्ध जॉच उपरान्त कार्रवाई होगी और मुकदमे वापस होंगे। कुछ लोग सरकार की छवि बिगाड़ना चाहते है उन्हें बख्‍शा नहीं जायेगा। पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जायेगा।

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