राष्‍ट्रीय सहारा में सिफारिश से तीन को मिला इंक्रीमेंट, अन्‍य नाराज

सहारा समूह में प्रमोशन और इंक्रीमेंट पाने के लिए मेहतन करने की नहीं बल्कि किसी बड़े आदमी की सिफारिश कराने की जरूरत हैं. अगर सिफारिश ठीक ठाक आदमी ने कर दी तो यहां एक झटके में दस हजार रुपए तक का इंक्रीमेंट मिल सकता है. सूत्र बता रहे हैं कि कुछ दिन पहले तीन लोगों ने इसी जुगाड़ तंत्र का सहारा लेते हुए अपना इंक्रीमेंट तथा प्रमोशन करवाया है. इससे अन्‍य कर्मचारी प्रबंधन से नाराज हैं.

राष्‍ट्रीय सहारा में एक साल से भी कम समय पूर्व ज्‍वाइन करने वाले शांतनु पाठक, प्रशांत राय तथा रामेंद्र सिंह को औसतन दस हजार रुपए तक का इंक्रीमेंट दिया गया है. इनमें रामेंद्र सिंह रिपोर्टिंग में, जबकि प्रकाश राय विज्ञापन विभाग में कार्यरत हैं. रामेंद्र ने अपनी सिफारिश बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह से करवाई, जिसका फल दस हजार रुपए के इंक्रीमेंट के रूप में मिल गया. प्रकाश राय ने अपनी सिफारिश पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह से करवाई, इन्‍हें भी लगभग दस हजार रुपए के इंक्रीमेंट मिल गया.

सबसे दिलचस्‍प प्रमोशन और इंक्रीमेंट शांतनु पाठक को मिली. ये एचआर विभाग में कार्यरत हैं. शांतनु की सिफारिश उनके रिश्‍तेदार तथा लखनऊ के मेयर डा. दिनेश शर्मा ने की. इसका असर यह हुआ कि इन्‍हें चार रैंक प्रमोशन दिए जाने के अलावा लगभग दस हजार रुपए का इंक्रीमेंट भी मिल गया. जबकि सहारा में ज्‍वाइन करने वाले किसी कर्मी को एक साल के भीतर इतना इंक्रीमेंट या प्रमोशन दिए जाने की नीति नहीं रही है. इन लोगों के इंक्रीमेंट से अन्‍य कर्मचारियों में नाराजगी है. कई कर्मचारी आपस में ठिठोली करते फिर रहे हैं कि अगर प्रमोशन और इंक्रीमेंट करवाना हो तो काम करने की जरूरत नहीं है. काम करने की बजाय बढि़या व्‍यक्ति का जुगाड़ में मेहनत करो सहारा में सब ठीक रहेगा. हालांकि खुल के इस पर बात करने से कर्मचारी हिचक रहे हैं.

भड़ास से संपर्क bhadas4media@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *