लाइव इंडिया में फिर से ‘रौशन’ होती खुशियां (देखें तस्‍वीर)

अचानक स्टूडियो में हलचल शुरू हुई और चीफ गेस्ट के आते ही शुरू हो गया एक खूबसूरत और जोशीला सिलसिला। गुनगुनाती, इठलाती और बल खाती भावनाओं ने अपने हुनर से पिरोया था एक खूबसूरत ख्वाब को जो साकार होता हुआ साफ नजर आ रहा था। अपने बीच के कलाकारों को तालियों से हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थी लाइव इंडिया की पूरी टीम। शायद ही कोई ऐसा हो जो उस वक्त नहीं थिरक रहा था, किसी के तन में थिरकन थी, तो किसी का मन थिरक रहा था। लाइव इंडिया के स्टूडियो में मौजूद हर शख्स उस खुशगवार शाम का गवाह था, जो लंबे अर्से के बाद उसके दामन में खुशियां लेकर आई थी। 

 
इस शाम में शरीक होने के लिए पुणे से खास तौर से आई थीं लाइव इंडिया और मी मराठी की डायरेक्टर सुप्रिया कन्से। चैनल के एडिटर सतीश के सिंह के साथ मिलकर सुप्रिया कन्से में दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की। दोनों ने समारोह में मौजूद रहकर कलाकारों का हौसला भी बढ़ाया। लाइव इंडिया ने गम के एक लंबें दौर के बाद सचमुच खुशी की दस्तक दिखाई पड़ी। लाइव इंडिया में ये जश्न का मौका डेढ़ साल बाद आया था, और सच पूछिए तो जनमत के ज़माने से लेकर आज तक किसी ने कभी भी लाइव इंडिया में ऐसा समारोह नहीं देखा था। 
 
 
 
 
अप्रैल 2011 में 10 के पास टीआरपी होने के बाद लाइव इंडिया में जो जश्न मनाया गया था, उसके तकरीबन एक साल मायूसी और नाउम्मीदी के दौर मे गुजरा। लाइव इंडिया पिछले छह महीने से न सिर्फ फिर से उठ खड़ा हुआ है बल्कि अब चलता हुई दिखाई पड़ रहा है। उम्मीद है कि हमारा हौसला उसे फिर से पुराने मुकाम पर या उससे कहीं आगे पहुंचाकर दम लेगा। नये नेतृत्व में नया जो़श भी है और नया तेवर भी। नये माहौल में पुराने जख्मों को भूलते हुए हम आगे की ओर नज़र गड़ाए हुए हैं। बस हम यहीं चाहते हैं कि हमारी खुशियों को किसी की नज़र न लगे।
 
शनिवार की शाम लाइव इंडिया के लिए वाकई ऐतिहासिक थी। नये, पुराने और लोक गीत, मिमिक्री, क्लासिकल और फिल्मी डांस। लुभाती हुई पेशकश के गुलदस्ते वो हर कुछ था, जो दर्शकों की पसंद पर खरे उतर रहा था। तालियों और सीटियो के ज़रिए दर्शक समारोह में अपनी खुशी जाहिर कर रहे थे। दिवाली के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम लाइव इंडिया की एचआर टीम की पहल पर हुआ। एचआर हेड ऋषिकेश भट्टाचार्य के निर्देशन में अवंतिका, रवि शौरी और दीपांकर भट्टाचार्य की टीम ने मिलकर पूरे कार्यक्रम की रूप-रेखा तैयार की। मंच संचालन किया पूनम अधिकारी, गौरव, हीना मलिक और रजनीश ने। नदीम, सिद्धार्थ, पिंकी, मुद्रिका, चारू, प्रियंका अभिषेक, संजीव, सुंदर सिंह और साथियों ने अपनी पेशकश से समां बांध दिया। समारोह की सबसे हिट पेशकश थी महंगाई डायन खाय जात है। गाने को ऑरिजिनल फील देने के लिए महेश पांडेय समेत कई कलाकारों ने जीतोड़ मेहनत की।
 
लेखक अमर आनंद लाइव इंडिया में सीनियर प्रोड्यूसर हैं.

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