विजय दर्डा ने विज्ञापन मांगने के लिए किया सांसद वाले लेटरहेड का इस्तेमाल

इसे सांसद पद का दुरुपयोग नहीं कहा जाएगा तो क्या कहा जाएगा? आप अपनी कंपनी के लिए विज्ञापन मांग रहे हैं सांसद वाले लेटरहेड के जरिए तो सवाल उठना लाजमी है. सांसद जन प्रतिनिधि होते हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे सांसद पद का उपयोग जनता के हित के लिए करेंगे लेकिन विजय दर्डा तो अपनी कंपनी का जेब भरने में इस पद का इस्तेमाल कर रहे हैं. यकीन न हो तो नीचे प्रकाशित पत्र देखिए.

इस पत्र में लेटरहेड सांसद विजय दर्डा का है, जो कि लोकमत ग्रुप के चेयरमैन भी हैं. उन्होंने सांसद वाले लेटरहेड का इस्तेमाल अपनी कंपनी के अखबार लोकमत मराठी और लोकमत समाचार हिंदी के स्पेशल दीवाली अंक के लिए विज्ञापन मांगने के लिए किया है. उन्होंने ये पत्र विज्ञापनदाताओं के पास भेजा है और स्पेशल दीपोत्सव और दीपभव अंक के लिए विज्ञापन मांगा है. लोकमत मीडिया लिमिटेड के चेयरमैन विजय दर्डा को चाहिए था कि वे अपनी कंपनी के अखबारों के लिए विज्ञापन कंपनी के चेयरमैन की हैसियत से मांगते, सांसद के रूप में नहीं, तो ज्यादा अच्छा रहता……

कहने वाले कहेंगे कि लेटरहेड पर तो विजय दर्डा का पूरा प्रोफाइल है, इसलिए इसमें गलत क्या है? ऐसे लोगों से सवाल है कि प्रोफाइल के बगल में सत्यमेव जयते युक्त अशोक की लाट किस चीज की निशानी है और इस लेटरहेड पर क्यों है? देखिए लेटरहेड और पढ़िए लेटर…….

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