जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ-आर) के चेयरमैन और पूर्व आतंकवादी फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे घर बसाने जा रहे हैं। माशूका के साथ। 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में खौफ का दूसरा नाम रहे बिट्टा करीब 16 साल देश की तमाम जेलों में रहे हैं। जम्मू में जेल तोड़कर भागने की कोशिश का मामला अभी भी बिट्टा कराटे पर चल रहा है।
बिट्टा की मंगेतर असाबा अर्जमंद खान पत्रकारिता में एमए हैं। असाबा जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। मौजूदा वक्त में वह जम्मू कश्मीर के लोक प्रशासन विभाग में प्रशिक्षु-अधिकारी हैं।1 नवंबर 2011 को असाबा से निकाह होने से कुछ रोज पहले (4 अक्टूबर 2011 को) न्यूज-एक्सप्रेस चैनल के एडिटर (क्राइम) संजीव चौहान ने कश्मीर घाटी में बिट्टा कराटे से लंबी गुफ्तगू की। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बिट्टा कराटे से उनकी निजी-जिंदगी (प्रेम-प्रसंग, शादी) पर भी खुलकर बातचीत हुई। पेश हैं इंटरव्यू के खास अंश-
– बिट्टा कराटे की नज़र में प्यार क्या है?
— प्यार के आगे कुछ भी नहीं है। प्यार इंसान ऊपर वाले से भी कर सकता है। मां, बहन, माशूका और बीबी से भी।
– बिट्टा कराटे के तो बीबी है नहीं, तो फिर प्यार किससे किया?
— नहीं। इंगेजमेंट है मेरी। इंगेजमेंट हो चुकी है।
– कैसे हुई इंगेजमेंट..मतलब किसके साथ?
— इस पर मैं कुछ कहना नहीं चाहूंगा।
– आप नाम मत खोलिये किसी का। मैं किसी का नाम खुलवाना नहीं चाहता। मैं ये जानना चाहता हूं कि सलाखों के पीछे, हथकड़ियों-बेड़ियों में जकड़े बिट्टा कराटे को कभी किसी से मोहब्बत हुई? प्यार हुआ!
— बाहर आकर (जेल से) मैं किसी को पसंद करता हूं। कोई मुझे पसंद करता है।
– बात कहां तक पहुंची है?
— मैं विलीव करता हूं, जिससे शादी करो उसी से प्यार भी करो। इसमें मैं बिलीव करता हूं।
– इसका मतलब शादी उसी से कर रहे हैं, जिससे प्यार किया है?
— माशाअल्लाह। उसी से शादी करुंगा।
– क्या सोचकर वो आपसे शादी करेगी? आपका इतिहास तो रुह कंपा देने वाला है?
— ये सवाल तो आप उससे ही करें तो बेहतर रहेगा।
– उसे सब कुछ पता होगा आपके इतिहास के बारे में, जिससे आपको मुहब्बत हुई है?
— सही सवाल पूछा आपने। वो पढ़ी-लिखी है। एजूकेटिड है। उसको सबकुछ पता है, मेरे बारे में। वो 'मैच्योर' है।
– कैसे मिले थे आप लोग? प्यार की शुरुआत कैसे हुई? बिट्टा कराटे ने खुद उनको (होने वाली बेगम) अपनी असलियत बताई थी?
— उनको पता था। जाहर सी बात है। वो पढ़ी-लिखी है। उसी प्रोफेशन (पत्रकारिता) से जुड़ी रही है, जिससे आप ताल्लुक रखते हैं। उसको सबकुछ पता है कि मैं (बिट्टा कराटे) क्या था, क्या हूं।
– बिट्टा कराटे में क्या देखकर वो लड़की मर-मिटी?
— मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। इस पर। न मैंने इस पर ध्यान दिया।
– कभी तो पूछा होगा?
— हां जी। पूछा था उन्होंने। कहा आप(बिट्टा कराटे) स्टेट फारवर्ड हो, आपकी ईमानदारी पसंद आयी।
– जिस लड़की से शादी कर रहे हैं आप, उसमें क्या नज़र आया था आपको? जिससे बात शादी तक आ पहुंची।
— दिल की बराबरी। दिल को अच्छी लगी। उनका उठना-बैठना। बात करने का ढंग।
– जेल-डायरी और प्यार की कहानी में से पहले किसे लिखेंगे?
— जाहिर सी बात है, जो प्यार के मुतल्लिक बातें हैं, वो बाद में लिखूंगा। पहले तो मैं जेल चला गया। उसके बाद बाहर (जेल से) आया, तो वो (असाबा) मेरी जिंदगी में आ गई।
– बिट्टा कराटे का ये पहला प्यार है, दूसरा या तीसरा? कितने प्यार अब तक किये हैं बिट्टा कराटे ने?
— एक ही प्यार किया है मैंने जिंदगी में।
– ये (असाबा) पहला और आखिरी प्यार है?
— आई विलीव इन वन लव। मैं आवारा नहीं हूं। मेरा दिल आवारा नहीं है।
– लड़की को कैसे समझा पाये कि मैं (बिट्टा कराटे) ठीक इंसान है। उसके साथ शादी गलत साबित नहीं होगी।
— पहले उसने मुझे परखा। हम बैठे। बातें हुईं।
– आपने उसे प्रपोज किया या लड़की ने आपको पहले प्रपोज किया?
— जाहिर सी बात है लड़की प्रपोज नहीं करती है अपनी तरफ से। मर्द ही प्रपोज करता है। लड़कियां अगर किसी को प्यार करती हैं, तो प्रपोज नहीं करती हैं। साभार : न्यूज एक्सप्रेस





