शाहजहांपुर में थाने में हिस्‍ट्रीशीटर ने प्रेस फोटोग्राफर को दी धमकी

शाहजहांपुर में खादी-खाकी अपराधी का गठजोड़ व्यापारियों के साथ साथ पत्रकारों पर भी भारी पड़ रहा है। मैरिज लान के संचालक नवीन बत्रा को खाकी-खादी का संरक्षण प्राप्त एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी ने फिल्मी स्टाइल में घर से मैरिज लान जाते समय बीच सड़क पर दौड़ा दौड़ा के पीटा। भीड़ तमाशा देखती रही। पुलिस ने कई घंटों के बाद रिपोर्ट दर्ज की, पर अपराधी के खिलाफ सजातीय थानेदार किसी तरह की कार्रवाई करने से बच रहे थे।

मामला डीएम के दरबार में पहुंचा तो थाने दार ने आनन-फानन में अपराधी को थाने बुला लिया। अपराधी की गिरफ्तारी की सूचना जब पत्रकारों को हुई तो उन्होंने अपराधी का फोटो खींचने के लिए अपने अपने कैमरा मैनों को सदर थाने की ओर दौड़ा दिया। एक वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर ने अपने कैमरे से क्लिक किया तो कैमरे की फ्लैश अपराधी पर पड़ते ही अपराधी प्रेस फोटोग्राफर पर हमलावार हो गया। प्रेस फोटोग्राफर इस तरह के हमले के लिए तैयार नहीं था, सो वह एकदम से हड़बडा गया। अपराधी ने थाने में पुलिस की मौजूदगी में ही प्रेस फोटोग्राफर को हड़काया और उसके कैमरे से फोटो डिलीट करने के लिए कहा। जब फोटोग्राफर ने आनाकानी की तो अपराधी ने कहा कि पत्रकार महोदय आपके घर आने जाने का कोई समय नहीं होता है, कब रोड़ पर आपको गाड़ी टक्कर मार कर चली जाए पता नहीं चलेगा।

अपराधी की धमकी से भौचक फोटोग्राफर अपने साथियों के साथ थाने से निकला और मुंह लटका के अपने अफिस पहुंचा। उसने अपने ब्यूरोचीफ को थाने में घटी घटना की जानकारी दी और अपराधी का इतिहास भी बताया। अपराधी का आपराधिक इतिहास सुन कुछ दिन पहले ही शाहजहांपुर में ब्यूरोचीफ का चार्ज सभांलने बाले साहब के हाथ-पांव फूल गए। वे अपराधी के खिलाफ किसी तरह की पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बरेली से प्रकाशित एक सम्मानित समाचार पत्र के वरिष्‍ठ फोटोग्राफर से हिस्ट्रीशीटर अपराधी के बदसलूकी की खबर पत्रकारों में आग की तरह फैल गई।

पत्रकारों को उम्मीद थी कि सुबह अपराधी की फोटो सहित अच्छी खबर पढ़ने को मिलेगी, पर सुबह जैसे ही अखबार खोला तो पत्रकार आश्‍चर्यचकित हो गए। अखबार के पास थाने में बैठे अपराधी की फोटो होने के बाद भी अखबार के ब्यूरो चीफ उन फोटो को छापने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। पुलिस के हौसले बुलंद क्यों ना हों, क्योंकि दूसरे अखबार का क्राइम रिपोर्टर थानेदार के रूम में बैठा रहता है और थाने की मेस का फ्री में खाना खाता है। यह हाल है शाहजहांपुर में अखबारों में काम करने बाले पत्रकारों का।

शाहजहांपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित.

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