सरकार के दबाव में जी न्‍यूज : नहीं किया केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस का लाइव कवरेज

 

: सिर्फ हंगामे की खबर प्रसारित की : रोहतक। अरविंद केजरीवाल का नया खुलासा हो और कोई चैनल उसे महत्व ही न दे तो फिर आसानी से समझ में आ सकता है कि मामला गड़बड़ है। बुधवार को केजरीवाल ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब में प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें रिलांयस को लेकर बड़ा खुलासा किया गया। देश के सभी चैनल्स ने इस कांफ्रेंस की लाइव कवरेज की लेकिन जी न्यूज में उस समय कहीं उसका जिक्र तक नहीं था। वह उस समय चक्रवात की खबर दिखा रहा था। ऐसे में जी न्यूज पर सवाल उठना लाजिमी है। 
 
यह चैनल नवीन जिंदल से 100 करोड़ रुपए मांगने की खबरों के चलते पहले से ही सवालों में है। लगता है इसी मामले को लेकर चैनल पर पूरी तरह से सरकार का दबाव है कि केजरीवाल को ज्यादा महत्व न दिया जाए। तभी तो जिस चैनल ने लाइव कवरेज नहीं दिखाई वह चैनल तब उस समय लाइव कवरेज दिखाने लगा जब कांफ्रेंस में हंगामा हो गया। चैनल ने टिक्कर में भी सिर्फ यह दिखाया गया कि केजरीवाल ने वाजयेपी के दामाद और राडिया की एक टेप जारी की है। हालांकि एक और प्रमुख न्यूज चैनल न्यूज24 ने केजरीवाल को महत्व नहीं दिया लेकिन वह चैनल केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला का है। यह बात तो समझ में आती है जो व्यक्ति केंद्र सरकार में मंत्री हो, उसका चैनल उसी की सरकार के खिलाफ होने वाली प्रेस कांफ्रेंस नहीं दिखाएगा लेकिन जी न्यूज की ऐसी क्या मजबूरी रही?
 
इंडिया अंगेस्ट क्रप्शन की ओर से एक दिन पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि 31 अक्टूबर की शाम को एक और खुलासा होगा। ऐसे में सभी न्यूज चैनल वाले समय से पहले ही अपनी ओवी वैन लेकर पहुंच गए थे। निर्धारित समय 4 बजे अरविंद केजरीवाल की कांफ्रेंस भी शुरू हो गई और सभी चैनल्स ने लाइव कवरेज शुरू कर दी। सभी चैनल्स सिलसिलेवार आरोपों को दिखा रहे थे। लेकिन जी न्यूज चैनल तो भारत में नीलम नामक प्राकृतिक आपदा खबर ही दिखाता रहा। 
 
आधे घंटे बाद जी न्यूज ने ब्रेकिंग न्यूज के तौर पर सिर्फ यह खबर दिखानी शुरू की कि आईएसी ने आडियो टेप जारी किया और उसमें अटल बिहारी वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य और नीरा राडिया का नाम आया है। अरविंद केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस में जब पौने पांच बजे हंगामा हुआ तब एकाएक जी न्यूज ने उसकी लाइव कवरेज शुरू कर दी कि केजरीवाल से सवाल पूछने पर हंगामा। यानी रिलायंस के बारे में खुलासे की कवरेज नहीं की और हंगामे की तुरंत कर दी। यह कैसी पत्रकारिता है कोई भी आसानी से समझ सकता है। ऐसा लगता है कि जिंदल से विवाद के बाद जी न्यूज सरकार के दबाव में है। अपने पर आरोप लगने के बाद लगातार दिन-रात चिल्लाने वाले सुधीर चौधरी आज कहीं नजर नहीं आ रहे थे।
 
दीपक खोखर की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नम्‍बर 09991680040 के जरिए किया जा सकता है. 

 

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