सीकेटी के अखबार नमस्‍ते बरेली का प्रकाशन बंद

 

बरेली से खबर है कि सीकेटी यानी चंद्रकांत त्रिपाठी का अखबार बंद हो गया है. दैनिक जागरण, गोरखपुर से विदाई के बाद सीकेटी ने बरेली से दोपहर का अखबार नमस्‍ते बरेली लांच किया था. अखबार का संपादक वरिष्‍ठ पत्रकार शंभुदयाल बाजपेयी को बनाया गया था. परन्‍तु मालिकान की मंशा को देखते हुए  बाजपेयी जी ने सितम्‍बर में ही अखबार को नमस्‍ते कर दिया. अब खबर है कि अखबार का प्रकाशन बंद हो गया है. इसका कारण सीकेटी और कमलजीत सिंह के बीच के विवाद को बताया जा रहा है. 
 
उल्‍लेखनीय है कि सरदार कमलजीत सिंह और सीकेटी ने मिलकर इस अखबार की शुरुआत की थी, परन्‍तु एक दूसरे से लाभ लेने के चक्‍कर में एक नया नवेला वेंचर असमय मौत की गाल में समा गया. बताया जा रहा है कि सिर्फ इसके जरिए पैसा कमाने की कोशिश अखबार पर भारी पड़ी. बढि़या संपादकीय टीम ना होने के चलते अखबार बरेली का मार्केट नहीं पकड़ सका. रही सही कसर आपस की आर्थिक लड़ाई ने पूरी कर दी, जिसके चलते अखबार का प्रकाशन बंद हो गया है. 
 
बताया जा रहा है कि 31 अक्‍टूबर को अपने संपादकीय में सीकेटी ने लिखा था कि व्‍यवसायिक दिक्‍कतों के चलते इस अखबार को बंद किया जा रहा है. लेकिन जल्‍द ही यह अखबार नए तेवर और कलेवर के साथ साप्‍ताहिक के रूप में मार्केट में आएगा. परन्‍तु अब तक इसकी भी शुगबुगाहट बरेली में नहीं देखी जा रही है. बिना बेहतरीन संपादकीय टीम के किसी भी अखबार की सफलता संभव नहीं होती है, इस अखबार के बंद होने से यह भी साबित हो गया है. बताया जा रहा है कि तमाम स्‍टाफ के लोगों का पैसा भी अभी चुकता नहीं किया गया है. स्‍टाफ को भी आफिस ना आने को कह दिया गया है. 

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