सुन रहे हैं ना सीएम साहब, नोएडा पुलिस के डर से गैंगरेप पीडित परिवार ने छोड़ा गांव

यूपी के सीएम, उनके पिता-भाई सब के सब दिल्ली गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने की बात करते हैं लेकिन उनके अपने शासन वाले प्रदेश में क्या हो रहा है, इस पर किसी की नजर नहीं है. इसी को कहते हैं चिराग तले अंधेरा. नोएडा पुलिस गैंगरेप के एक मामले में पीड़िता व उसके परिवार वालों को ही धमका रही है जिसके कारण पीड़िता व परिवार के लोग गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं. मामला ग्रेटर नोएडा के जारचा कोतवाली क्षेत्र के गांव छायसा का है. पीड़ित परिवार ने दुष्‍कर्म की नामजद शिकायत की लेकिन पुलिस ने छेड़छाड़ आदि में मामला दर्ज किया.

आरोपी बलात्‍कारी तो धमका ही रहे थे पीड़िता व उसके परिजनों को, नोएडा पुलिस भी आरोपियों के साथ खड़ी दिख रही है. पीड़ित परिवार ने पुलिस के भय से अपना गांव ही छोड़ दिया है. सुन रहे हैं ना यूपी के सीएम अखिलेश साहब, आपकी पुलिस के डर से पीडित परिवार ने गांव छोड़ दिया है, आरोपियों ने नहीं. आरोपियों को पुलिस संरक्षण दे रही है. घटना के तीन दिन बाद, जब मीडिया में मामला आ गया तब  छात्रा का मेडिकल हुआ. रेप की रिपोर्ट अब तक दर्ज नहीं की गई है. सिर्फ अपहरण और छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ है. 

इस प्रकरण से स्पष्ट है कि नोएडा पुलिस आरोपी और बदमाशों को नहीं पकड़ रही बल्कि जो उत्पीड़ित है, उसे ही परेशान कर रही है. इस प्रकरण से संबंधित कुछ खबरें, जो दैनिक हिंदुस्‍तान, दैनिक जागरण और एनबीटी में प्रकाशित है, नीचे है, पढ़िए…


पुलिस से खतरा बता छोड़ा गांव

ग्रेटर नोएडा : जारचा कोतवाली क्षेत्र के गांव छायसा में गैंगरेप पीड़ित छात्रा और उसके परिवार ने गांव छोड़ दिया है। छात्रा के पिता ने जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि आरोपियों से छात्र को जान का खतरा है। पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है।

गौरतलब है कि 26 दिसंबर को छायसा गांव की 10वीं कक्षा की एक छात्रा का गांव के ही पांच युवकों ने अपहरण कर लिया था। कार में गैंगरेप के बाद उसे दादरी के पास फेंक दिया गया। युवती अपने पिता के साथ थाने में शिकायत करने पहुंची लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।

इसके बाद गांव में पंचायत ने फैसला दिया कि परिवार केस दर्ज नहीं करवाएगा। लेकिन परिवार ने निर्णय मानने से इनकार दिया। काफी प्रयास के बाद गुरुवार को अपहरण और छेड़खानी का मामला ही दर्ज किया। मामला मीडिया में आने पर छात्रा का मेडिकल हुआ।

(हिंदुस्‍तान)


तीन दिन बाद भी छात्रा से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं

संवाद सहयोगी, दादरी : जारचा कोतवाली क्षेत्र में हाईस्कूल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। शुक्रवार को करीब पचास घंटे बीतने के बाद छात्रा की चिकित्सीय जांच कराई गई। चिकित्सीय परीक्षण के बाद पुलिस ने दावा किया है कि पीड़ित की जांच में किसी तरह की चोट नहीं मिली। पुलिस साक्ष्य मिलने के बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की बात कह रही है। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश है।

ज्ञात हो कि जारचा थाना क्षेत्र में बुधवार को हाईस्कूल की छात्रा का पांच लोगों ने उस समय अपहरण कर लिया था, जब वह अर्धवार्षिक परीक्षा देने कॉलेज जा रही थी। छात्रा के परिजनों के मुताबिक दो आरोपियों ने जंगल में उसके साथ दुष्कर्म किया। शाम को आरोपी छात्रा को रेलवे रोड पर एक आरा मशीन के समीप फेंककर फरार हो गए। छात्रा ने एक शख्स की मदद से परिजन को फोन किया। परिजन छात्रा को लेकर घर पहुंचे। परिजन ने पुलिस को मामले की सूचना दी। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखा कार्रवाई करने के बजाए छात्रा से पूछताछ करना तक मुनासिब नहीं समझा। बृहस्पतिवार को छात्रा के परिजन कोतवाली पहुंचे और पांच लोगों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए दुष्कर्म की शिकायत की। लेकिन पुलिस ने अपहरण व छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया। शुक्रवार को छात्रा को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया।

पांचों आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। आरोपी पीड़ित के कुनबे के हैं और गांव में पड़ोस में रहते हैं। आरोपियों में दो सगे भाई शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी में विलंब से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। एसपी देहात अशोक कुमार का कहना है कि पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। जांच में किसी तरह की चोट की पुष्टि नहीं हुई है। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। इसके आधार पर दुष्कर्म की धाराएं लगाई जाएंगी।

(जागरण)


महिला आयोग से लगाई मदद की गुहार

दादरी।। जारचा कोतवाली एरिया के एक गांव की छात्रा से गैंगरेप के आरोपों को लेकर पीडि़त परिवार ने शनिवार सुबह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा को शिकायत फैक्स की है। इसमें उनसे मदद की गुहार लगाते हुए पुलिस पर केस में फैसला करने के दबाव का आरोप लगाया गया है। वहीं, पीडि़त परिजनों ने देर शाम तक प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राज्यपाल समेत कई समाजसेवी संस्थाओं को लेटर भेजकर न्याय दिलाने की मांग की है। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई कर नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घटना के बाद पीडि़त परिवार के घर विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता भी सहानुभूति जताने पहुंचे।

आरोप है कि 10 वीं की नाबालिग छात्रा को 26 दिसंबर की सुबह 9 बजे घर से स्कूल जाते समय रिश्ते में 3 चचेरे भाई, चाचा और ताऊ ने ब्लैक फिल्म चढ़ी कार में अपहरण कर लिया था। उसके बाद सभी पर गैंगरेप कर फेंकने का आरोप है। परिजनों ने उसी दिन शाम को पुलिस में पांचों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी थी। पुलिस ने घटना को अपहरण, छेड़छाड़ व मारपीट समेत कई धाराओं में दर्ज कर लिया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने पीडि़त को मेडिकल चेकअप के लिए भेजा था। पीडि़त परिजन जहां गैंगरेप का आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मामले को निपटाने को लेकर गांव में पंचायतों का दौर शनिवार को भी चलता रहा।

(एनबीटी)


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नोएडा में चाचाओं और चचेरे भाइयों ने किया गैंगरेप, पुलिस ने पीड़िता पर ही बनाया कंप्रोमाइज के लिए दबाव!

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