सुब्रत राय पर कोर्ट ने कसा शिकंजा, भगोड़ा घोषित करने की तैयारी

बदायूं। न्यायालय के आदेशों को गंभीरता से न लेने पर सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय को मजिस्ट्रेट ने भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी, जिसमें सुब्रत राय हाजिर नहीं हुए तो उनके विरुद्ध कुर्की के आदेश भी हो सकते हैं। सहारा ग्रुप के नेतृत्व में संचालित कंपनी द्वारा पच्चीस साल पहले गोल्डन की एकाउंट नाम की योजना चलाई गयी थी, जिसके तहत देश भर से करीब दस हजार लोगों से पच्चीस सौ रुपये प्रति व्यक्ति जमा कराये गये थे।

योजना के तहत धन जमा करने वाले लोगों के बीच ड्रा होने के बाद विभिन्न इनामों का बंटवारा होना था, जो नियमानुसार दस सालों का निरंतर होते रहना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि दो सालों के बाद ड्रा बंद कर दिये गये और धन जमा करने वालों को कोई सूचना भी नहीं दी गई। न ही धन वापस करने के बारे में संतोष जनक उत्तर दिया गया। इस योजना का शिकार कस्बा बिसौली के मोहल्ला होली चौक निवासी एडवोकेट धनवीर सक्सेना भी हुए। उन्होंने सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय और स्थानीय शाखा प्रबंधक को नोटिस देकर जवाब मांगा, पर उन्होंने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, इस पर वर्ष 1997 में मुकदमा संख्या 16-15/1997 के तहत मुंसिफ मजिस्ट्रेट बिसौली के न्यायालय में पीडि़त ने वाद दायर कर दिया। 24 मार्च 1999 को मुरादाबाद जनपद के कस्बा चंदौसी स्थित शाखा के प्रबंधक वेदराम सैलानी व सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय को तलब किया गया। कई तारीखों के बाद शाखा प्रबंधक तो न्यायालय में हाजिर हो गये, पर चेयरमैन की ओर से वकील ने पक्ष रखा।

बाद में शाखा प्रबंधक ने भी आना बंद कर दिया, जिस पर न्यायालय ने सहारा ग्रुप के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक के विरुद्ध वारंट जारी किया, पर वह नहीं आये। इसके बाद अदालत के गैर जमानती वारंट जारी करने पर भी वह नहीं आये। न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना होने पर न्यायालय ने सुब्रत राय और शाखा प्रबंधक वेदराम सैलानी के विरुद्ध भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की अगली सुनबाई 18 दिसंबर को होगी। कयास लगाये जा रहे हैं कि उक्त लोग तारीख पर नहीं आये, तो इनके विरुद्ध न्यायालय कुर्की की कार्रवाई कर सकता है।

बदायूं से पत्रकार बीपी गौतम की रिपोर्ट. बीपी से 08979019871 के जरिए संपर्क किया जा सकता है.

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