Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

सुख-दुख...

सुर्खियों के भूखे हैं जस्टिस काटजू?

भारतीय प्रेस परिषद यानी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की अपनी एक भूमिका है और इसका काम प्रेस की स्वतंत्र को बरकरार रखना है. ये एक किस्म की निगरानी संस्था है. मैं भी इसका सदस्य रहा हूं. हालांकि आजकल ये अन्य वजहों से सुर्खियों में है. दरअसल इसके अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू को अपनी सीमाएं नहीं भूलनी चाहिए. हर मुद्दे पर आप उनके बयान देख सकते हैं. कहीं बयान दे रहे हैं, तो कहीं लिख रहे हैं.

भारतीय प्रेस परिषद यानी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की अपनी एक भूमिका है और इसका काम प्रेस की स्वतंत्र को बरकरार रखना है. ये एक किस्म की निगरानी संस्था है. मैं भी इसका सदस्य रहा हूं. हालांकि आजकल ये अन्य वजहों से सुर्खियों में है. दरअसल इसके अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू को अपनी सीमाएं नहीं भूलनी चाहिए. हर मुद्दे पर आप उनके बयान देख सकते हैं. कहीं बयान दे रहे हैं, तो कहीं लिख रहे हैं.

वो अच्छे इंसान हैं और ईमानदार भी हैं लेकिन उन्हें हर किसी मुद्दे पर बयान दागने से बचना चाहिए. प्रेस परिषद के अध्यक्ष को राजनीतिक बयानबाजी से गुरेज बरतना चाहिए. असल में जस्टिस काटजू सुर्खियों में रहना चाहते हैं. ऐसे में प्रचार पाने के लिए वो खो से जाते हैं. ये बात गलत है. राजनीति से घालमेल नहीं करना चाहिए. एक जगह मैं भी मौजूद था, तो उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर समस्या को हल करना है तो भारत और पाकिस्तान को एक होना पड़ेगा. प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष की तरफ से इस तरह का बयान क्या जिम्मेदारी भरा बयान माना जा सकता है.

अब राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली से भी वो उलझ गए हैं. वो 90 फीसदी भारतीयों को मूर्ख भी कह चुके हैं. ये बातें इतनी एकतरफा और गैरजिम्मेदारना हैं कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए, वो कम है. कुछ लोग तो ये आरोप भी लगाते हैं कि वो गैर कांग्रेस शासित राज्यों को ज्यादा निशाना बनाते हैं. लेकिन मैं इस बात को पूरी तरह नहीं कह सकता हूं कि क्योंकि मैं प्रेस परिषद का सदस्य नहीं हूं. वो विवादास्पद रहे हैं, लेकिन उन्हें अब ये बात सोचनी चाहिए कि उन पर क्यों उंगलियां उठ रही हैं. वो विचार करें कि उन्हें अब सीमा में रहने की जरूरत है.

वरिष्‍ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का यह लेख बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह से बातचीत पर आधारित है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...