सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ज़मानत देने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में बहस हुई

Himanshu Kumar : आज सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ज़मानत देने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में बहस हुई। हमें पहले से ही अंदेशा था कि सरकार इस मामले में देरी कराने की कोशिश करेगी। वैसा ही हुआ भी जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, छत्तीसगढ़ के सरकारी वकील ने खड़े होकर कहा कि हमें तो सोनी सोरी की फ़ाइल आज ही मिली है।

इस पर प्रशांत भूषण और कॉलिन गोंसाल्विस ने कोर्ट को बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य को आठ अक्टूबर को ही फ़ाइल सौंप दी गयी थी और एक प्रति छत्तीसगढ़ के स्टेंडिंग काउन्सिल को भी दे दी गयी थी। यह मामला एक ऐसे मामले से संबंधित है जिसमे देरी करना अपने आप में अपराध है। इस पर भी छत्तीसगढ़ शासन के वकील कहते ही रहे कि उन्हें समय दिया जाय।

जज साहब ने कहा कि ठीक है हम छत्तीसगढ़ सरकार को शुक्रवार तक का समय दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सरकारी वकील ने कहा कि हम कोशिश करेंगे कि शुक्रवार तक जवाब दे दें। कोर्ट ने कहा कि शुक्र वार तक ज़रूर जवाब लेकर आइये। इस पर सरकारी वकील ने कहा की हम कोशिश करेंगे , क्योंकि छत्तीसगढ़ में सभी पुलिस अधिकारी चुनाव में वयस्त हैं।

इस पर इस पर इस मामले में सुनवाई कर रहे सर्वोच्च न्यायलय के न्यायाधीश श्री निज्जर ने छत्तीसगढ़ के सरकारी वकील से कहा कि हम इस मामले से अच्छी तरह वाकिफ हैं , शुक्रवार के बाद सरकार को और मोहलत नहीं दी जायेगी। आप जवाब लेकर ही आइये। इसके बाद सुनवाई को शुक्रवार तक के लिए मुल्तवी कर दिया गया।

मानवाधिकारवादी और सोशल एक्टिविस्ट हिमांशु कुमार के फेसबुक वॉल से.

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