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हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : डीएम ने अवैध प्रकाशन के खेल को बेनकाब किया, मुंगेर-लखीसराय की प्रतियां कोर्ट को भेजी

पटना। विश्वस्तरीय दैनिक हिन्दुस्तान के लगभग 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाले के मामले में मुंगेर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी, जिसकी कांड संख्या-445/2011 है, को रद्द करने की प्रार्थना को लेकर प्रमुख अभियुक्त व मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड की अध्यक्ष शोभना भरतिया की ओर से दर्ज याचिका, जिसका नं0- क्रिमिनल मिससेलीनियस केस नं0- 2951/2012 है, पर सुनवाई कर रही पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीया अंजना प्रकाश के 18 सितम्बर के आदेश के आलोक में मुंगेर के जिला पदाधिकारी कुलदीप नारायण ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट ‘सील‘ और ‘कवर‘ में पटना उच्च न्यायालय को सुपुर्द कर दी है। न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश ने वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद की प्रार्थना पर जिलाधिकारी, मुंगेर की रिपोर्ट को दोनों पक्षों को उपलब्ध कराने का आदेश 08 अक्टूबर को जारी कर दिया।

पटना। विश्वस्तरीय दैनिक हिन्दुस्तान के लगभग 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाले के मामले में मुंगेर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी, जिसकी कांड संख्या-445/2011 है, को रद्द करने की प्रार्थना को लेकर प्रमुख अभियुक्त व मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड की अध्यक्ष शोभना भरतिया की ओर से दर्ज याचिका, जिसका नं0- क्रिमिनल मिससेलीनियस केस नं0- 2951/2012 है, पर सुनवाई कर रही पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीया अंजना प्रकाश के 18 सितम्बर के आदेश के आलोक में मुंगेर के जिला पदाधिकारी कुलदीप नारायण ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट ‘सील‘ और ‘कवर‘ में पटना उच्च न्यायालय को सुपुर्द कर दी है। न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश ने वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद की प्रार्थना पर जिलाधिकारी, मुंगेर की रिपोर्ट को दोनों पक्षों को उपलब्ध कराने का आदेश 08 अक्टूबर को जारी कर दिया।

 
न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश के आदेश से दैनिक हिन्दुस्तान के अवैध संस्करण और विज्ञापन फर्जीवाड़ा से संबंधित मुंगेर के जिलाधिकारी की जो रिपोर्ट  दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई गई है, उस रिपोर्ट ने बिहार के मुंगेर, लखीसराय और अन्य जिलों में अब भी प्रकाशित और वितरित हो रहे दैनिक हिन्दुस्तान के अवैध प्रकाशन/ संस्करण के खेल को पटना उच्च न्यायालय के समक्ष बेनकाब कर दिया है।
  
पटना उच्च न्यायालय को भेजे पत्र में जिलाधिकारी, मुंगेर ने लिखा है कि — ‘‘तथ्य की जांच के लिए आज सुबह दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण की प्रति मुंगेर शहर से और पूर्व बिहार संस्करण लखीसराय से प्राप्त किया गया। दोनों अखबारों के एक ही संपादक हैं, एक ही प्रकाशक और मुद्रक हैं, एक ही स्थानीय संपादक हैं, एक ही फोन नम्बर है और एक ही आरएनआई निबंधन नम्बर है। इस प्रकार, यह प्रतीत होता है कि एक ही निबंधन संख्या पर भिन्न-भिन्न सामग्रियां मुद्रित और वितरित भिन्न-भिन्न जिलों में की जा रही हैं। चूंकि समाचार-सामग्री भिन्न-भिन्न है, इसलिए वे सब भिन्न-भिन्न अखबार समझे जाएंगें और उन सभी अखबारों को भिन्न-भिन्न निबंधन संख्या होना चाहिए।
 
इस प्रकार यह पाया गया है कि भागलपुर, मुंगेर और लखीसराय में भिन्न-भिन्न समाचार पत्र की सामग्रियां वितरित की जा रही हैं जिनका एक ही निबंधन संख्या है। इस बिन्दु को स्थापित करने के लिए मुंगेर और लखीसराय से संबंधित दैनिक हिन्दुस्तान अखबारों को न्यायालय के अवलोकनार्थ प्रेषित किया जा  रहा है।‘‘ पटना उच्च न्यायालय को भेजी गई रिपोर्ट में जिला पदाधिकारी, मुंगेर ने आगे लिखा है कि –‘‘यह स्पष्ट होता है कि न केवल समाचार सामग्री भिन्न-भिन्न हो जाती है, वरन एक जिले के अखबार में सरकारी विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है जबकि उसी अखबार में दूसरे जिले में वह सरकारी विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया जाता है।
 
पूर्व बिहार के लखीसराय के संस्करण में दैनिक हिन्दुस्तान में पृष्ठ-06 पर सरकारी विज्ञापन -पी0आर0 -7332/योजना/12-13 प्रकाशित किया गया है जबकि यह सरकारी विज्ञापन मुंगेर संस्करण में नहीं प्रकाशित किया गया है।‘‘ पटना उच्च न्यायालय को भेजी गई रिपोर्ट में जिलाधिकारी, मुंगेर ने आगे लिखा है कि  –‘‘कोतवाली कांड (मुंगेर) संख्या -445/2011 में पुलिस उपाधीक्षक एके पंचालर की पर्यवेक्षण -टिप्पणी  (रिपोर्ट -01) और पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन, मुंगेर  की पर्यवेक्षण -टिप्पणी रिपार्ट –  (02) को माननीय उच्च न्यायालय के अवलोकनार्थ प्रेषित की जा रही है।‘‘
 
एसपी और डीएसपी की पर्यवेक्षण-टिप्पणियों में आखिर क्या है? : 
 
सभी अभियुक्तों के विरूद्ध प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित : मुंगेर पुलिस ने कोतवाली कांड संख्या-445/2011 में सभी नामजद अभियुक्तों क्रमशः (1) शोभना भरतिया, अध्यक्ष, दी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली, (2) शशि शेखर, प्रधान संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, (3) अकु श्रीवास्तव, कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्तान, पटना संस्करण, (4) बिनोद बंधु, स्थानीय संपादक, हिन्दुस्तान, भागलपुर संस्करण और (5) अमित चोपड़ा, मुद्रक एवं प्रकाशक, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420/471/476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट 1867 की धाराएं 8 (बी), 14 एवं 15 के तहत लगाए गए सभी आरोपों को अनुसंधान और पर्यवेक्षण में प्रथम दृष्टया ‘सत्य‘ घोषित कर दिया है।
 
 
वरिष्‍ठ पत्रकार काशी प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नम्‍बर -09431611060 के जरिए किया जा सकता है. 


 

हिंदुस्‍तान के विज्ञापन घोटाले के बारे में और जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- हिंदुस्‍तान का विज्ञापन घोटाला
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