हिमाचल आजकल न्यूज बुलेटिन का एमडी थाना परवाणु में पेश

: धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने तेज की जांच : सारा शिमला शहर उसे कर्नल के नाम से जानता है। लेकिन पुलिस के सामने उसने खुलासा किया कि वह वास्तव में कर्नल है ही नहीं। कर्नल तो दूर की बात है, वह कभी फौज में भी नहीं रहा। यह अलग बात है कि पूरा शहर उसे कर्नल के नाम से जानता है और यह भ्रांति स्वंय उस द्वारा ही शहर में फैलाई गई थी। यह रोचक किस्सा है, श्री तारा बिजनेस ग्रुप व हिमाचल आजकल न्यूज बुलेटिन के एमडी राजेश्वर सब्रवाल का, जो करीब 21 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोपी है। राजेश्वर सब्रवाल शिमला के खलीणी क्षेत्र में रहता है। वह अपना परिचय रिटायर कर्नल के तौर पर लोगों को देता रहा है। खुद को सेब का कारोबारी बताता है और दावा करता रहा कि वह सेना में सेब की सप्लाई करता है। लेकिन यह सब झूठ निकला। पुलिस को दिए ब्यान में उसने यह भी नकार दिया कि वह फौज में सेब की सप्लाई करता है।

गौरतलब है कि परवाणु के सेब के एक कारोबारी चुनीलाल चौहान ने स्थानीय थाना में राजेश्वर सब्रवाल के खिलाफ करीब 21 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की एफ.आई.आर. दर्ज कराई है। यह एफ.आई.आर. कसौली की अदालत के निर्देश पर दर्ज कराई गई है। मामला सेब के व्यापार का है जो करीब दो साल पहले चुनीलाल चौहान और राजेश्वर सब्रवाल के बीच हुआ। चौहान का आरोप है कि राजेश्वर सब्रवाल को उसने करीब 46 करोड़ रुपए के सेब सप्लाई किए। 26 करोड़ रुपए का भुगतान हो गया, लेकिन करीब 21 करोड़ रुपए सब्रवाल डकार गया। बाद में राजेश्वर सब्रवाल ने तीन पोस्ट डेटेट चेक चौहान को दिए, जो कथित तौर पर फर्जी निकले और बाउंस हो गए।

सूत्रों के अनुसार राजेश्वर सब्रवाल ने पुलिस को बताया कि उसके तीन चेक चोरी हो गए थे। उसने चेक चोरी होने को लेकर चुन्नीलाल चौहान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की भी गुहार लगाई। लेकिन राजेश्वर सब्रवाल का यह आरोप पुलिस के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि चेक चोरी होने की रिपोर्ट शिमला में कहीं दर्ज नहीं है। जबकि कहा जा रहा है कि चेक शिमला दफ्तर से ही चोरी हुए थे तो स्थानीय थाना में उसकी रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं करवाई गई। अब जबकि राजेश्वर सब्रवाल के खिलाफ कसौली कोर्ट के आदेश पर परवाणु में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है तो अचानक चेक चोरी हो जाने के आरोपों की गंभीरता खत्म हो गई है। सेना के कुछ बड़े अफसरों के साथ राजेश्वर सब्रवाल के करीबी रिश्तों के बारे में शिमला में आम चर्चा है।

राज्य सरकार के एक संवैधानिक संस्थान के मुखिया के साथ राजेश्वर सब्रवाल के कारोबारी रिश्ते भी बताए जाते हैं। इस संवैधानिक संस्थान के मुखिया बनने से पहले वे सेना में उच्च पद पर कार्यरत रहे हैं। दरअसल, शिमला में यह कोई नहीं जानता कि राजेश्वर सब्रवाल मूलत: कहां का रहने वाला है। कहा जा रहा है कि शिमला से पहले राजेश्वर सब्रवाल का दिल्ली में मॉडलिंग का धंधा था। वहां विवाद होने के कारण वह भागकर शिमला आ गया और सेब का धंधा करने लगा। शिमला के मशोबरा, समरहिल और शोघी क्षेत्र में राजेश्वर सब्रवाल द्वारा किसी नरेश कुमार के नाम से बेनामी भूमि खरीदने की भी खबर है। इस बारे में भी अलग से जांच पड़ताल चल रही है।

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