: आजतक का खुलासा – अब भी नहीं चेती दिल्ली पुलिस : देश की राजधानी दिल्ली, जो दिल वालों की दिल्ली भी कहलाती हैं, वहां रात में एक 22 वर्षीय युवती को उसके मित्र के सामने इंसान रूपी दरिंदों द्वारा नोचा जाता हैं. दरिंदगी की हदों को पार करते हुए उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता हैं और उसके बाद उसे मरने के लिए सुनसान सड़क पर फेंक दिया जाता है. जिसके बाद पूरे देश में मीडिया द्वारा इस खबर को प्रमुखता से दिखाया जाता है, बावजूद इसके दिल्ली पुलिस की आंख नहीं खुलती और वे सिर्फ यह सोचकर शांत बैठ जाती है कि यह तो अब दिल्ली में आम बात है. आये दिन आते रहते हैं ऐसे केस. कुछ हा हुल्लड करके ये मीडिया वाले भी शांत बैठ जायेंगे.
शायद होता भी यही, मगर तारीफ करनी होगी आजतक के उन संवाददाताओं की जिन्होंने रात भर दिल्ली की सड़कों पर घूम-घूम कर रिपोर्टिंग की तथा शांत नहीं होने दी इस दरिंदगी की खबर को और पर्दाफाश किया दिल्ली पुलिस के हर दावों का. और तो और हैवानियत और दरिंदगी का कारवां देखिये कि दिल्ली की सड़कों पर जब आजतक की रिपोर्टर अंजना ओम कश्यप रिपोर्टिंग कर रही थी तो मनचलों ने पुलिस व कानून को नपुंसक बताते हुए उन्हें ही छेड़ना शुरू कर दिया. यह तो गनीमत रही कि कश्यप अपने कैमरामैन के साथ ऑन कैमरा थी नहीं तो मनचले कुछ आगे भी बढ़ सकते थे.
तहे दिल से शुक्रिया आजतक का कि उन्होंने सामाजिक सरोकार को जारी रखते हुए इस बेहद संवेदनशील मुद्दे को अपने चैनल के माध्यम से कुछ इस तरह उठाया है कि पूरे देश में इस घटना की निंदा की जा रही है और संसद तक इस खबर की गूंज पहुंची हैं, जिससे मीडिया की इज्जत भी देश में बढ़ी ही है, वरना जी न्यूज के संपादकों के जेल पहुंचने के बाद से तो देश में मीडियाकर्मियों व पत्रकारों को मात्र दल्लों के रूप में ही देखा जा रहा था।
पीयूष राठी
पत्रकार
राजस्थान






