श्री टाइम्स में अजय उपाध्याय के समूह संपादक बनने के बाद की हनक दिखने लगी है. लखनऊ से खबर है कि मीटिंग में तीन वरिष्ठ पत्रकारों के अनुशासनहीनता के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तीनों को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है. बताया जा रहा है कि गुरुवार को अखबार के वरिष्ठ लोगों के परिचय की मीटिंग चल रही थी. सीओओ एवं वरिष्ठ पत्रकार पंकज वर्मा मीटिंग में मौजूद थे तथा लोगों से परिचय ले रहे थे. मीटिंग में एचआर हेड भी मौजूद थे.
मीटिंग में पंकज वर्मा ने एडिटोरियल के सभी लोगों से परिचय पूछा तथा पत्रकारिता करने के कार्यकाल के बारे में जानकारी मांगी. सभी लोगों ने अपने तथा अपने अनुभव के बारे में परिचय दिया, परन्तु उमाशंकर त्रिपाठी, इब्तदा भट्टी तथा डीपी शुक्ला ने बिल्कुल गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कहा कि हम लोग तो 2012 से ही पत्रकारिता कर रहे हैं. बिल्कुल व्यंग्यात्मक लहजे में तीनों लोगों ने यह बात कही. यह जवाब सुन सभी लोग सन्न रह गए. इसके बाद एचआर हेड ने सारी जानकारी ग्रुप एडिटर अजय उपाध्याय को दी.
अनुशासन के मामले में कड़क माने जाने वाले अजय उपाध्याय पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद तीनों लोगों को एक सप्ताह तक सस्पेंड करने तथा आख्या मांगने का निर्देश दिया. जिसके बाद पंकज वर्मा ने तीनों लोगों को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया. इस कार्रवाई के बाद से ही श्री टाइम्स में हडकम्प मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि अजय उपाध्याय ने स्पष्ट निर्देश दे रखा है कि अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाए, जिसके बाद पंकज वर्मा ने अनुशासनहीन लोगों की चूड़ी कसनी शुरू कर दी है.





