जालौन में एक गल्ला व्यापारी की पुत्री के अपहरण और बाद में उसकी हत्या के मामले में पुलिस के पक्ष में और भ्रामक खबर छापने पर जालौन के व्यापारी और क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा अमर उजाला के खिलाफ फूट पड़ा. मंगलवार को लोगों ने जालौन नगर में अमर उजाला की प्रतियां उतरने ही नहीं दी. लोगों में इतना गुस्सा था कि उन्होंने अखबार के खिलाफ नारे भी लगाए.
उल्लेखनीय है कि जालौन के एक गल्ला व्यापारी गिरीश गुप्ता की 21 वर्षीय पुत्री तथा एमए की छात्रा शिक्षा गुप्ता का अपहरण कुछ बदमाशों ने 11 नवम्बर को कर लिया था. अपहरण के दौरान बदमाशों ने गिरीश गुप्ता को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया था. इस मामले की जांच के लिए पुलिस की जांच टीमें भी बनाई गईं, पर कुछ पता नहीं चल पाया. इस मामले को ही संदिग्ध बताते हुए पुलिस जांच कर रही थी. अमर उजाला भी पुलिस के पक्ष की ही खबरें छाप रहा था. पुलिस अधीक्षक के बयान पर अखबार परिजनों पर ही निशाना साध रहा था. लेकिन सोमवार को जब छात्रा का शव मिला तो जालौन के लोगों का गुस्सा पुलिस के प्रति भड़क उठा. लोगों ने अमर उजाला के पत्रकारों को भी खरी खोटी सुनाई.
इस घटना के कवरेज के लिए गए अमर उजाला के पत्रकारों को भगा दिया गया. इतना ही नहीं मंगलवार की सुबह जालौन के व्यापारियों ने अमर उजाला की प्रतियां तक नहीं उतरने दी. व्यापारियों ने खबर लिखने वाले रिपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई तक की मांग कर डाली तथा अमर उजाला की गंदी पत्रकारिता के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. बैकफुट पर आए अमर उजाला ने बाद में खबरों में सुधार की कोशिश की पर व्यापारी अब भी अखबार के पत्रकारों से नाराज हैं. व्यापारियों ने हत्या के खिलाफ प्रदर्शन भी किया तथा हत्यारों की गिरफ्तारी न होने तक आंदोलन की चेतावनी दी है.
जालौन से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






