अमर उजाला, मेरठ ने कर्मचारियों की उपस्थित आन लाइन कर दी है. केवल कार्ड से उपस्थित रिकार्ड की जा रही है. दो माह से 70 कर्मचारियों का वेतन उनके आफिस में काम करने पर भी काटा गया है. मेरठ के एचआर पर जब सुनवाई को कर्मचारी जाते हैं तो उनका कहना है कि नोएडा से वेतन कटा है हम कुछ नहीं कर सकते हैं. क्या न्याय दिलाने का वादा करने वाली कंपनी कर्मचारियों के साथ इस तरह वेतन काटना न्याय संगत है. केवल तकनीकी गलती की वजह से परिवार को आर्थिक संकट पहुंचाना क्या यह गलत नहीं है?
कुछ कर्मचारियों ने श्रम विभाग तक इस संबंध में सूचना पहुंचा दी है. इस संबंध में मेरठ का एचआर व्यवस्था बेकार है. एचआर की नियुक्त कर्मचारी बहुत पुराने होने की वजह से मालिक बन रहे हैं. कुछ पत्रकार अपनी बात नोएडा तक भी पहुंचाना चाहते हैं ताकि सच्चाई की जानकारी उपर के लोगों को भी हो सके.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






