: कई सब एडिटर मायूस : अमर उजाला हल्द्वानी यूनिट से खबर है कि वहां हालिया प्रमोशन लिस्ट जारी होने के बाद प्रमोशन नहीं पाने वाले लोगों में बेचैनी और हताशा की स्थिति है। हालात यहां तक हैं कि प्रमोशन की आस लगाए एक सब-एडिटर तो डिप्रेशन तक में चले गए हैं। प्रमोशन को लेकर मैनेजमेंट की भी आलोचना हो रही है। सालों से जमे कई सब-एडिटर ताक पर हैं जो प्रमोशन की आस लगाए बैठे थे। इनमें से कई तो सालों से सब-एडिटर पदों पर ही दिन काट रहे हैं। प्रमोशन पाने वालों में राजीव पाण्डेय, ब्रजेंद्र श्रीवास्तव और निशांत खनी शामिल हैं।
प्रमोशन पाने से रह गए लोगों में अनुराग गंगोला, विभूति ढौंडियाल, कैलाश पाठक, दीपक उप्रेती, चंद्रेश पांडेय, आनंद नेगी, गणेश उपाध्याय समेत तमाम लोग शामिल हैं। अमर उजाला के स्थानीय संपादक सुनील शाह द्वारा प्रमोशन की घोषणा के बाद अंदरूनी तौर पर प्रमोशन नीति को लेकर खलबली मची हुई है। कई उम्रदराज सब-एडिटर तो डिप्रेशन में चले गए हैं। करीब सात महीने पहले अमर उजाला बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, रानीखेत से सारे इंचार्ज इधर-उधर किए गए थे।
बताया जाता है कि बरसों से एक ही जगह पर जमे सभी कर्मचारियों को प्रमोशन का लालीपाप देकर ही उनके स्थानों की अदला बदली की गई थी। दस महीने तक इंतजार के बाद इन सभी को हाथ भी मायूसी ही लगी है। सूत्र बताते हैं कि कई उम्रदराज सब-एडिटर को ठिकाने लगाने की भी तैयारी की जा रही है। दो सब-एडीटर को स्थानीय संपादक ने वीआरएस तक लेने की सलाह दे डाली है। प्रमोशन की आस लगाए इन लोगों की इस कारण तकलीफ और बढ़ गई है।





